27 साल के युवक ने छोटे से गांव में पंचायत का चुनाव लड़ा और सरपंच बन गया। वो शख्स आज राजस्थान के मुख्यमंत्री हैं…भजनलाल शर्मा। साल 2005 में एक व्यक्ति ने पंचायत समिति सदस्य का चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। बाद में प्रधान चुने गए। आज वही व्यक्ति राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष हैं…गोविंद सिंह डोटासरा। सिर्फ ये 2 नाम ही नहीं, लिस्ट में डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा, डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, टीकाराम जूली, विश्वेंद्र सिंह, परसराम मदेरणा, शीशराम ओला, हरेंद्र मिर्धा जैसे कई दिग्गजों के नाम हैं। राजस्थान में तारीखों की घोषणा के साथ पंचायत चुनाव का आगाज हो गया है। अब गांवों में राजनीतिक पकड़ दिखाने के लिए बीजेपी-कांग्रेस पूरी ताकत झोंक देंगी। भास्कर ने इन दिग्गजों के जरिए समझने की कोशिश की कि राजस्थान की राजनीति में पंचायत चुनाव इतना महत्वपूर्ण पायदान क्यों है… मदेरणा परिवार : सरपंच से राजनीति की शुरुआत ओला परिवार : 78 साल पहले शुरुआत मिर्धा परिवार : जिला प्रमुख रहे हरेंद्र मिर्धा …. ये खबर भी पढ़ें… सरपंच और प्रधान कौन बन पाएंगे:शौचालय नहीं तो नहीं लड़ पाएंगे चुनाव! 2 से ज्यादा बच्चे और 8वीं फेल का क्या होगा? जानिए-क्या दस्तावेज चाहिए राजस्थान में 4 चरणों में होंगे पंचायत चुनाव:20 नवंबर को आएगा परिषद और पंचायत समिति सदस्य का रिजल्ट; 16 नवंबर तक होंगे सरपंच के चुनाव

