जयपुर जिले के दूदू में सरकारी स्कूल का ताला तोड़कर लोग अंदर घुसे और स्कूल परिसर में युवक का अंतिम संस्कार किया। स्कूल के गार्ड ने लोगों को रोकने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक आधा शव जल चुका था। दाह संस्कार करने वाले लोगों ने कहा- यह जमीन पहले उनके समाज के श्मशान के रूप में इस्तेमाल होती थी, लेकिन बाद में स्कूल के नाम कर दी गई। उधर, स्कूल की प्रिंसिपल ने घटना को लेकर दूदू थाने में मामला दर्ज कराया है। सड़क हादसे में हुई थी युवक की मौत जानकारी के अनुसार- माल की ढाणी निवासी बाबू (20) पुत्र रामकरण बागरिया को रविवार को पैदल घर जाते समय ट्रैक्टर ने टक्कर मार दी थी। हादसे में उसकी मौके पर मौत हो गई थी। बाबू के परिजन और समाज के लोग शव को लेकर स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल पहुंचे और स्कूल परिसर में अंतिम संस्कार कर दिया। गार्ड ने रोका, लेकिन ताला तोड़कर अंदर घुसे लोग प्रिंसिपल सरिता मीणा ने बताया- रविवार दोपहर करीब 2 बजे बड़ी संख्या में लोग युवक का शव लेकर स्कूल में आए। गार्ड जगदीश गुर्जर ने उनको रोकने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने और ताला तोड़कर अंदर घुस गए। स्कूल के पीछे के दरवाजे के पास लगे टीन शेड के पास अंतिम संस्कार कर दिया। प्रिंसिपल ने बताया- जहां अंतिम संस्कार किया गया, वहां बच्चे खेलते थे। यह जमीन 2008 में स्कूल के नाम हो चुकी है। पिछले 18 साल से यहां कोई दाह संस्कार नहीं हुआ है। तहसीलदार को दिए जांच के आदेश SDM गुलाब सिंह वर्मा ने कहा- मामले को लेकर तहसीलदार को जांच के आदेश दे दिए हैं। स्कूल का ताला तोड़कर अंदर घुसने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए पुलिस को निर्देश दिए गए हैं। नगर पालिका बोर्ड की बैठक में उठाएंगे मामला दूदू नगर पालिका के वार्ड 4 से बीजेपी पार्षद अवधेश शर्मा ने बताया- साल 2008 से पहले और अभी तक स्कूल से 200 मीटर दूर बनी मॉर्च्युरी के पास सार्वजनिक स्थान पर अंतिम संस्कार किया जाता था। उस समय स्कूल परिसर की जमीन पर कोई श्मशान नहीं था। इसका कोई राजस्व रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं है। जिस जमीन पर युवक का अंतिम संस्कार किया गया है, वो राजकीय मॉडल स्कूल के नाम दर्ज है। यह जमीन पहले गोचर के रूप में उपयोग होती थी। पार्षद ने कहा- जानबूझकर स्कूल की जमीन में घुसने और अतिक्रमण करने का प्रयास किया जा रहा है। शैक्षणिक संस्थान की गरिमा और वहां के शिक्षा के माहौल के साथ खिलवाड़ करना उचित नहीं है। स्कूल परिसर की मर्यादा के खिलाफ इस तरह की गतिविधियां कानून के भी खिलाफ है। मैं नगर पालिका की बोर्ड बैठक में भी मामले को उठाऊंगा।

