जयपुर में पुलिस हिरासत में तबीयत बिगड़ने के 15 दिन बाद सोमवार तड़के 3.30 बजे युवक की मौत हो गई। 19 वर्षीय ऋतुराज मनासा-मल्हारगढ़, मंदसौर, मध्यप्रदेश का रहने वाला था। एसएमएस हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। मुहाना पुलिस ऋतुराज से 22 लाख के सोने की ठगी के मामले में पूछताछ के लिए लाई थी। ऋतुराज की मां हेमा ने आरोप लगाया कि मुहाना थाना पुलिस ने मेरे बेटे के साथ मारपीट की थी, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई थी। इलाज के दौरान मेरे बेटे की मौत हो गई। पुलिस ने मुझसे जबरन 5 लोगों पर मुकदमा दर्ज करवाया था। अब 10 लाख रुपए देकर मामले को रफादफा करने की बात कह रही है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामला विदेश से सस्ता सोना लाने के लिए रुपए के लेनदेन से जुड़ा है। थाने में युवक के पिता के खिलाफ सोने की ठगी का मामला दर्ज था। मामले युवक को पीड़ित पक्ष 20 सितंबर को लेकर आया था। होटल में बाप-बेटे के साथ मारपीट हुई थी, मारपीट की घटना CCTV फुटेज में कैद है। मां का आरोप मेरे पति-बेटे का अपहरण किया गया था ऋतुराज की मां हेमा ने बताया- मेरे पति प्रकाश 17 सितंबर 2026 को दुबई से जयपुर आए थे, जिसके बाद 18 सितंबर 2026 से उनका फोन बंद आ रहा था। बेटे ऋतुराज (19) को जयपुर से किसी व्यक्ति का फोन आया कि उसके पिता जयपुर के होटल रियांश के रूम नंबर 104 में रुके हुए हैं। बेटा जयपुर गया तो उसका भी फोन भी बंद हो गया। सोमवार 21 सितंबर को बेटे ऋतुराज ने फोन करके बताया कि मुझे और पिता को 4-5 लोगों ने पकड़ रखा है, जो आपस में अपना नाम मनोज, लोकेंद्र और महेश बता रहे हैं। 22 सितंबर को पति के दोस्त ललित ने फोन कर सूचना दी कि मेरा बेटा ऋतुराज जयपुर के नारायणा हरदयाल हॉस्पिटल में भर्ती है। मैं 22 सितंबर को गांव से जयपुर पहुंची। एसएमएस हॉस्पिटल पहुंचने पर बेटे की गंभीर हालत देखकर मैं खुद भी बेहोश हो गई थी। हेमा ने आरोप लगाया- पुलिस ने मेरे ऊपर दबाव बनाकर मनोज, लोकेन्द्र, महेश और 2 अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया था। पुलिस कर्मियों ने धमकी दी कि अगर मैंने FIR पर हस्ताक्षर नहीं किए तो मेरी हालत भी मेरे बेटे जैसी कर देंगे। मेरे पति के खिलाफ दर्ज मामला खत्म करने के लिए मुझसे पैसे की मांग की गई। मेरे बेटे की मौत के बाद अब पुलिस पूरे मामले को खत्म करने का दबाव बना रही है। हेमा ने कहा- मैं पुलिसकर्मियों के नाम नहीं जानती, लेकिन मेरे ऊपर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। मृतक और उसके पिता के खिलाफ सोने की ठगी का मामला दर्ज था मुहाना थाना प्रभारी मुकेश खराड़िया ने प्रकाश लोहार ने सस्ता सोना लाने के लिए भीलवाड़ा निवासी मनोज,लोकेन्द्र और महेश नाम के एक व्यक्ति से 22 लाख रुपए लिए थे। मनोज व उसके साथियों ने प्रकाश के खिलाफ ठगी का मामला दर्ज करवाया था। प्रकाश दुबई से जयपुर आया तो मनोज व अन्य लोगों ने उसे पकड़ लिया। 21 सितंबर को प्रकाश लोहार, मनोज और उसके साथियों के चंगुल से भाग गया। इसके बाद 22 सितंबर को मनोज व उसके साथी ही ऋतुराज को लेकर थाने आए। उस समय से ही उसकी तबीयत खराब थी। थाने में उसने उल्टी भी की थी। थाने में पूछताछ के दौरान ऋतुराज की तबीयत खराब हो गई तो मनोज और उसके साथी पुलिस के साथ प्राइवेट हॉस्पिटल लेकर गए। वहां से एसएमएस रेफर कर दिया। जहां करीब 15 दिन तक उसका उपचार चला। सोमवार को उसकी मौत हो गई। होटल में बाप-बेटे के साथ मारपीट हुई थी, मारपीट की घटना CCTV फुटेज में कैद है। करीब 15 दिन पहले इस संबंध में हेमा लोहार ने मनोज व उसके साथियों पर अपने बेटे ऋतुराज व पति प्रकाश लोहार के साथ मारपीट करने का मामला दर्ज करवाया था। एयरपोर्ट से युवक के पिता को आरोपियों ने उठा लिया मृत युवक के पिता प्रकाश ने बताया- मैं 17 सितंबर को दुबई से जयपुर एयरपोर्ट पर आया। इससे पहले मनोज को 2 लाख रुपए भेज दिए थे। एयरपोर्ट पर कुछ लोगों ने क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर मेरे सामान को चेक किया। इसके बाद प्रकाश, उसके साथी और क्राइम ब्रांच के लोग मुझे मानसरोवर स्थित होटल पर लेकर गए। मुझे वहां बंधक बना लिया। मेरे साथ मारपीट की। मुझसे 50 हजार रुपए ले लिए। मुझे छोड़ने के बदले बेटे से रुपए मंगवाए। इस बीच मौका पाकर मैं फरार हो गया। आरोपियों ने बेटे ऋतुराज पकड़ लिया। उसे 5 दिन तक बंधक बनाकर रखा। इसके बाद 21 सितंबर को ऋतुराज को मुहाना थाना पुलिस को सौंप दिया। पोस्टमॉर्टम के बाद सामने आएगा मौत का कारण युवक की मौत के बाद शव SMS अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। परिजनों के पहुंचने के बाद पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और मेडिकल जांच के बाद ही युवक की मौत के वास्तविक कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

