बिचून के पास दादूधाम भैराणा में प्रस्तावित रीको औद्योगिक क्षेत्र को लेकर चल रहे विवाद में सोमवार को नया मोड़ आ गया। एक ओर भैराणा धाम संघर्ष समिति ने प्रशासन के साथ हुई बातचीत को सकारात्मक बताते हुए सरकार से सीधे संवाद जारी रखने की बात कही, वहीं आंदोलन के मंच से हुई राजनीतिक बयानबाजी से खुद को अलग कर लिया। दूसरी तरफ आरएलपी प्रमुख और सांसद हनुमान बेनीवाल ने सरकार पर समझौते के बाद भी कार्रवाई नहीं करने और संतों पर दबाव बनाने के आरोप लगाए।
सोमवार को जयपुर में दिनभर कई स्तर पर बैठकें और बातचीत हुईं। संघर्ष समिति ने कहा कि उनकी मांग भैराणा धाम और आसपास के पर्यावरण की सुरक्षा है। वहीं सरकार की ओर से भी संतों के साथ बातचीत कर समाधान निकालने के संकेत दिए गए। इस बीच क्षेत्र के विकास के समर्थन में आसपास के गांवों के लोगों ने भी जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर रीको परियोजना का काम शुरू कराने की मांग की। राजनीति से दूरी, सरकार से बातचीत जारी
जौहरी बाजार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में संघर्ष समिति के व्यवस्थापक हरिओम स्वामी ने कहा कि 27 मई को आंदोलन के मंच से जो राजनीतिक बयान दिए गए थे, उनसे संत समाज सहमत नहीं है। उन्होंने कहा कि संत समाज अपनी बात सरकार और प्रशासन के सामने सीधे रखेगा और बातचीत के जरिए समाधान चाहता है। उन्होंने कहा कि उनकी मांग स्पष्ट है कि भैराणा धाम और आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं और पर्यावरण तथा विकास दोनों के बीच संतुलित समाधान चाहते हैं। 26 मई की सहमति पर आगे बढ़ाने की कोशिश
हरिओम स्वामी ने कहा कि 26 मई को जिला प्रशासन के साथ हुई बातचीत में कई बिंदुओं पर सहमति बनी थी। सोमवार को हुई चर्चा में भी उन्हीं बिंदुओं को आगे बढ़ाने और व्यावहारिक समाधान निकालने पर बात हुई। उन्होंने बताया कि जल्द ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मिलने का समय भी मांगा जाएगा।
प्रशासन से बातचीत हुई लेकिन आंदोलन जारी रहेगा
जयपुर कलेक्ट्रेट में हुई बातचीत में जयपुर रेंज आईजी राहुल प्रकाश, जिला कलेक्टर संदेश नायक और एसपी हनुमान मीणा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। संघर्ष समिति के सचिव संत रामरतन दास ने कहा कि बातचीत सकारात्मक रही, लेकिन अभी तक कोई लिखित आदेश या ठोस आश्वासन नहीं मिला है। इसलिए आंदोलन फिलहाल जारी रहेगा।
मंत्रियों ने कहा- विकास और धार्मिक आस्था दोनों जरूरी
शाम को गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म की मौजूदगी में संतों के साथ बैठक हुई। बैठक में इस मामले के समाधान के लिए कैबिनेट सब-कमेटी के गठन पर भी चर्चा हुई। बेढ़म ने कहा कि मुख्यमंत्री का सनातन पर गहरा विश्वास है और सरकार संत समाज की भावनाओं का सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि संतों ने भी क्षेत्र के विकास और सनातन परंपरा दोनों को साथ लेकर चलने की बात कही है।
मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि दादूधाम का विकास भी किया जाएगा और यह स्थान सभी के लिए प्रेरणा का केंद्र है। उन्होंने कहा कि सरकार संवाद के जरिए समाधान निकालने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
बेनीवाल ने लगाए दबाव बनाने के आरोप
आरएलपी प्रमुख और सांसद हनुमान बेनीवाल ने सोशल मीडिया पर सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 27 मई को हुए समझौते के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। बेनीवाल ने आरोप लगाया कि संतों पर दबाव बनाया जा रहा है और आंदोलन से जुड़े लोगों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने सरकार से जल्द कार्रवाई करने और भैराणा धाम की पवित्रता तथा पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
रीको परियोजना के समर्थन में भी सामने आए ग्रामीण
भैराणा धाम विवाद के बीच क्षेत्र के विकास के समर्थन में आसपास के करीब 15 गांवों के लोगों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने रीको औद्योगिक क्षेत्र का काम दोबारा शुरू कराने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि औद्योगिक क्षेत्र बनने से रोजगार और विकास के नए अवसर पैदा होंगे।
सोमवार को जयपुर में दिनभर कई स्तर पर बैठकें और बातचीत हुईं। संघर्ष समिति ने कहा कि उनकी मांग भैराणा धाम और आसपास के पर्यावरण की सुरक्षा है। वहीं सरकार की ओर से भी संतों के साथ बातचीत कर समाधान निकालने के संकेत दिए गए। इस बीच क्षेत्र के विकास के समर्थन में आसपास के गांवों के लोगों ने भी जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर रीको परियोजना का काम शुरू कराने की मांग की। राजनीति से दूरी, सरकार से बातचीत जारी
जौहरी बाजार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में संघर्ष समिति के व्यवस्थापक हरिओम स्वामी ने कहा कि 27 मई को आंदोलन के मंच से जो राजनीतिक बयान दिए गए थे, उनसे संत समाज सहमत नहीं है। उन्होंने कहा कि संत समाज अपनी बात सरकार और प्रशासन के सामने सीधे रखेगा और बातचीत के जरिए समाधान चाहता है। उन्होंने कहा कि उनकी मांग स्पष्ट है कि भैराणा धाम और आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं और पर्यावरण तथा विकास दोनों के बीच संतुलित समाधान चाहते हैं। 26 मई की सहमति पर आगे बढ़ाने की कोशिश
हरिओम स्वामी ने कहा कि 26 मई को जिला प्रशासन के साथ हुई बातचीत में कई बिंदुओं पर सहमति बनी थी। सोमवार को हुई चर्चा में भी उन्हीं बिंदुओं को आगे बढ़ाने और व्यावहारिक समाधान निकालने पर बात हुई। उन्होंने बताया कि जल्द ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मिलने का समय भी मांगा जाएगा।
प्रशासन से बातचीत हुई लेकिन आंदोलन जारी रहेगा
जयपुर कलेक्ट्रेट में हुई बातचीत में जयपुर रेंज आईजी राहुल प्रकाश, जिला कलेक्टर संदेश नायक और एसपी हनुमान मीणा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। संघर्ष समिति के सचिव संत रामरतन दास ने कहा कि बातचीत सकारात्मक रही, लेकिन अभी तक कोई लिखित आदेश या ठोस आश्वासन नहीं मिला है। इसलिए आंदोलन फिलहाल जारी रहेगा।
मंत्रियों ने कहा- विकास और धार्मिक आस्था दोनों जरूरी
शाम को गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म की मौजूदगी में संतों के साथ बैठक हुई। बैठक में इस मामले के समाधान के लिए कैबिनेट सब-कमेटी के गठन पर भी चर्चा हुई। बेढ़म ने कहा कि मुख्यमंत्री का सनातन पर गहरा विश्वास है और सरकार संत समाज की भावनाओं का सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि संतों ने भी क्षेत्र के विकास और सनातन परंपरा दोनों को साथ लेकर चलने की बात कही है।
मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि दादूधाम का विकास भी किया जाएगा और यह स्थान सभी के लिए प्रेरणा का केंद्र है। उन्होंने कहा कि सरकार संवाद के जरिए समाधान निकालने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
बेनीवाल ने लगाए दबाव बनाने के आरोप
आरएलपी प्रमुख और सांसद हनुमान बेनीवाल ने सोशल मीडिया पर सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 27 मई को हुए समझौते के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। बेनीवाल ने आरोप लगाया कि संतों पर दबाव बनाया जा रहा है और आंदोलन से जुड़े लोगों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने सरकार से जल्द कार्रवाई करने और भैराणा धाम की पवित्रता तथा पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
रीको परियोजना के समर्थन में भी सामने आए ग्रामीण
भैराणा धाम विवाद के बीच क्षेत्र के विकास के समर्थन में आसपास के करीब 15 गांवों के लोगों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने रीको औद्योगिक क्षेत्र का काम दोबारा शुरू कराने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि औद्योगिक क्षेत्र बनने से रोजगार और विकास के नए अवसर पैदा होंगे।

