भास्कर के कैमरे पर बेनकाब आदिवासी बच्चियों के ‘सौदेबाज’:दलाल बोला-15 साल की लड़की के 7 लाख, फार्महाउस पर उम्रभर रखो, पसंद नहीं तो दूसरी दिखा दूंगा

‘15 साल की लड़की चाहिए, मिल जाएगी….उम्र भर फार्म हाउस पर रखना, कोई दिक्कत नहीं आएगी…बस कीमत – 7 लाख रुपए लगेगी।’ लड़कियों की खुलेआम सौदेबाजी करने वाला ये ‘दलाल’ भास्कर के कैमरे में बेनकाब हुआ है। प्रदेश के डूंगरपुर-बांसवाड़ा में ऐसे ही दलालों का गिरोह एक्टिव है। ये रईस लोगों की अय्याशी के लिए गरीब और मजबूर आदिवासी बच्चियों को बेच डालते हैं। कर्ज में डूबे परिवारों का ब्रेन वॉश करते हैं, उनकी बेटियों की नाता (शादी) करवाने के बदले पैसों का लालच देते हैं। लेकिन हकीकत रूह कंपाने वाली है। इन बच्चियों से देह व्यापार करवाने के मामले आम हैं। करीब एक महीना अंडरकवर पड़ताल के बाद हमारी टीम गिरोह के एक दलाल तक पहुंची। वो हमें 3-7 लाख में लड़की उपलब्ध कराने को तैयार था। उसने दावा किया कि कुछ दिन पहले ही 2 लड़कियों का सौदा कर चुका है। पढ़िए- दैनिक भास्कर की ये इन्वेस्टिगेशन स्टोरी… दलाल बोला- 15 साल की लड़की भी मिल जाएगी डूंगरपुर-बांसवाड़ा में एक्टिव गिरोह के दलाल केवल भरोसेमंद लोगों के जरिए ही डील करते हैं। एक सूत्र से हमें डूंगरपुर के सागवाड़ा में राकेश कनीवाम नाम के एक दलाल के कॉन्टैक्ट नंबर मिले। कॉल करने पर दलाल हर उम्र की लड़की के लिए तैयार हो गया। हमने कुछ शर्तें रखीं- लड़की कम उम्र की हो, शादी नहीं करेंगे, लड़की के परिवार से कोई कानूनी संबंध नहीं होगा। इस पर दलाल ने आमने-सामने बातचीत के लिए हमें डूंगरपुर बुलाया। अगले दिन भास्कर टीम डूंगरपुर में दलाल की बताई एक लोकेशन पर पहुंची। पढ़िए बातचीत के कुछ अंश… 7 लाख में जिंदगी भर रहेगी, पसंद नहीं आई तो दूसरी दिखा देंगे रिपोर्टर : ठीक है… आपका नाम क्या है? दलाल : राकेश कनीवाम। रिपोर्टर : उसे (लड़की को) दिखा दो और पैसों की आखिरी डिमांड पूछ लो। दलाल : मौके पर जाकर ही बात करेंगे। दो-तीन लोगों से और भी मिला दूंगा। पैसों की बात भी फाइनल कर लेंगे और आज ही लड़की को आपके साथ भेज देंगे। रिपोर्टर : ठीक है मगर लड़की कम उम्र की होनी चाहिए। दलाल : हां, कम उम्र में कम से कम 15 साल तक की लड़की मिल जाएगी। रिपोर्टर : बाद में कोई कानूनी लफड़ा तो नहीं होगा? रिपोर्टर : हम इतनी बड़ी रकम दे रहे हैं तो अपनी डिमांड भी उन्हें साफ-साफ बता देना। दलाल बोला- पहले भी बेची लड़की, लिखा-पढ़ी नहीं होगी दलाल हमारे साथ कार में बैठा और सागवाड़ा रोड पर चलने को कहा। उसने बताया- 2 साल पहले पाली में एक लड़की नाता (लड़की और लड़के का अपनी मर्जी से बिना शादी रहने की आदिवासी परंपरा) करके बेची थी। वह लड़की उसी आदमी के पास आज भी रह रही है। पढ़िए बातचीत के अंश… दलाल : हम दोनों पार्टियों को आमने-सामने बैठाकर साफ बात कराते हैं। उन्हें पेमेंट (पैसा) चाहिए, इससे उनका जो भी कर्ज है वो उतर जाएगा। हमें हमारा दलाली का हिस्सा मिल जाएगा। रिपोर्टर : तो लिखा-पढ़ी कैसे करेंगे? दलाल : कोई लिखा-पढ़ी नहीं होगी, वरना हम दोनों फंस जाएंगे। शादी थोड़े न करनी है। शादी की डील ही स्टांप पर होती है। दो दिन पहले ही दो लड़कियां बेचीं, रिपोर्टर को दिखाए फोटो करीब डेढ़ घंटे के बाद हम दलाल के साथ सागवाड़ा के करीब एक लोकेशन पर पहुंचे। कार से उतरकर दलाल राकेश ने किसी को फोन मिलाया और जल्दी आने को कहा। इस बीच उसने दावा किया कि 2 दिन पहले ही 2 लड़कियों को इसी क्षेत्र से बाहर भेजा है। मोबाइल में दोनों लड़कियों की तस्वीर भी दिखाई। दलाल : 2 दिन पहले ही 2 लड़कियों को निकाला (बेचा) है, देखो ये फोटो हैं। आप पहले संपर्क करते तो आपकी डील करवा देता। रिपोर्टर: एक बार लड़की को सामने लाकर दिखा दो, क्योंकि फोटो में कुछ और होता है और हकीकत में कुछ और। दलाल: लड़कियां कोई VIP नहीं दिखेंगी। मेकअप करके जैसा चाहें वैसा बना लो। दलाल बोला- लड़की के हाथ में रख देना 500 का नोट दलाल ने बताया इन लोगों के पास पैसा नहीं होता। कर्ज चुकाने के लिए नाता के नाम पर लड़कियों का सौदा कर लेते हैं। उसने सलाह दी कि लड़की पसंद आ जाए तो उसके हाथ में कुछ पैसे रख देना, इससे वह जल्दी मान जाएगी और भरोसा करने लगेगी। रिपोर्टर : परिवार बच्चियों का सौदा करने के लिए तैयार कैसे हो जाते हैं? दलाल : इनके पास थोड़ी जमीन-जायदाद तो है, लेकिन पैसा बिल्कुल नहीं है। इधर-उधर मेहनत-मजदूरी करते हैं, तब जाकर खाना खाते हैं। दलाल : मैं परिवार को समझा दूंगा कि पार्टी बहुत पैसे वाली है। लड़की को वहीं रहना है, खाना-पीना करना है। कभी मिलने का मन होगा तो साथ आकर मिला लेंगे। बस ये ध्यान रखना लड़की आगे नहीं बिकनी चाहिए। हाईवे पर ही दिखाई लड़की, नापसंद करने पर दूसरा ऑफर इसी बीच बाइक पर दो नाबालिग लड़के, एक लड़की को लेकर आए। दलाल ने लड़की को हमारे सामने थोड़े फासले पर खड़ा कर दिया। उम्र में वह करीब 18-19 साल की लग रही थी। हमने लड़की और उसके साथ आए किसी भी पक्ष से कोई बात नहीं की। (नोट : चूंकि हमारा मकसद दलालों के नेटवर्क को एक्सपोज करना था। वो सच सामने लाना था कि कैसे मजबूर परिवारों की बच्चियों का दलाल सौदा करते हैं। हमने बिना किसी बातचीत को आगे बढ़ाए दलाल को लड़की नापसंद होने का बहाना बनाया। डील कैंसिल होती देख दलाल ने दूसरी लड़की दिखाने का ऑफर दिया।) नाता के नाम पर लड़कियों को बेचा जा रहा दलाल से बातचीत करने पर यह तो स्पष्ट हो गया कि ये ऐसे गरीब परिवारों को टारगेट करते हैं, जो कर्ज में फंसे हैं। उन परिवारों को बेटी का नाता या शादी करवाने का लालच देते हैं। खरीदार से उम्र के हिसाब से 4 से 8 लाख रुपए में उनका सौदा कर देते हैं, जबकि परिवार को नाममात्र रकम मिलती है। दलाल रमेश ने पहले रिपोर्टर से शादी/नाता कराने के नाम पर 7 लाख रुपए मांगे थे। लेकिन पूरा सच सामने लाने के लिए रिपोर्टर ने मौज-मस्ती के लिए डिमांड की तो उस पर भी वो डील करने को तैयार हो गया था। एक्सपर्ट बोले- आदिवासी क्षेत्र में मानव तस्करी का पूरा सिंडिकेट बाल अधिकार विशेषज्ञ एवं पूर्व सदस्य-राजस्थान बाल आयोग डॉ. शैलेंद्र पंड्या ने बताया- उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ मानव तस्करी के सिंडिकेट की चपेट में हैं। चाइल्ड लेबर, बॉर्न बेबी सौदे और देह व्यापार के लिए लड़कियों की तस्करी हो रही है। पंड्या ने बताया कि वे कई बच्चियों का रेस्क्यू ऑपरेशन कर चुके हैं। काउंसलिंग में पता चलता है कि लड़कियों को या तो बहला-फुसला कर, लालच देकर, मजदूरी दिलवाने का कहकर ले गए। बाद में उनके साथ ज्यादती हुई। कई नाबालिग तो गर्भवती तक हो गई थीं। केस-1 : मजदूरी के बहाने से डील, होटल में ले जाकर ज्यादती 22 अगस्त 2023 को प्रतापगढ़ जिले में एक ठेकेदार ने 2 नाबालिग बेटियों और उसकी विधवा मां से मजदूरी के बहाने डील की। दोनों को प्रतापगढ़ के एक होटल के कमरे में कैद करके रखा। मजदूरी दिलवाने के नाम पर उनके साथ ज्यादती की। मुखबिर से सूचना मिलने के बाद पुलिस और सीडब्ल्यूसी की टीम ने उन्हें होटल से मुक्त कराया। केस-2 : नाबालिग को किया गर्भवती वर्ष 2023 में उदयपुर के गर्वा क्षेत्र में संचालित एक ईंट भट्टे पर पुलिस ने रेड मारी। इस दौरान एक नाबालिग मजदूरी करते हुए मिली। मेडिकल करवाने पर वह गर्भवती पाई गई थी। पड़ताल में सामने आया कि ठेकेदार नाबालिग को उनके माता-पिता से 2 साल के लिए ईंट-भट्टे पर मजदूरी कराने के नाम पर लाया था। उसने नाबालिग के साथ कई बार ज्यादती की, जिससे वह गर्भवती हो गई। केस-3 : 5 नाबालिग बच्चियां चंगुल में फंसने से पहले बचीं 16 जून 2024 को उदयपुर की फलासिया पुलिस ने रात को 2 बजे एक जीप को नाकाबंदी पर रुकवाया। जीप में 3 युवक, 5 नाबालिग बच्चियां थीं। बच्चों की काउंसलिंग में सामने आया कि सभी को मजदूरी के बहाने गुजरात ले जाया जा रहा था। इन्हें होटल व अन्य जगह काम के बहाने देह व्यापार में धकेलना था।
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