री-नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) के तीन दिन पहले (21 जून) राजस्थान के भीलवाड़ा से पुलिस ने फर्जी पेपर बेचने वाले स्टूडेंट को पकड़ा है। आरोपी स्टूडेंट बैन टेलीग्राम एप के जरिए डील करता था। आरोपी टेलीग्राम का इस्तेमाल अमेरिका के वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) के जरिए कर रहा था। उसके टेलीग्राम चैनल का नाम पेपर माफिया है। दिल्ली से मिले इनपुट के बाद पुलिस ने आरोपी 19 साल के आकाश चौधरी को गुरुवार (18 जून) देर रात 1 बजे शहर के पटेल नगर से उसके घर से गिरफ्तार किया है। जयपुर में कॉम्पिटिशन की तैयारी कर रहा है आरोपी पुलिस के अनुसार आरोपी आकाश चौधरी जयपुर में कॉम्पिटिशन की तैयारी कर रहा है। उसके टेलीग्राम चैनल पर 52 मेंबर हैं। दावा है कि वो री-नीट के फर्जी पेपर चार-चार हजार रुपए में बेच रहा था। पैसे क्यू आर कोड भेजकर अपने खाते में ट्रांसफर करवाता था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन, नीट की एक किताब और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं, जबकि उसके नेटवर्क, बैंक लेन-देन और ठगी के शिकार लोगों की जांच जारी है। एस-मेक पोर्टल से मिली सूचना प्रताप नगर थाना प्रभारी सुनील ताड़ा ने बताया – भारत सरकार के एस-मेक पोर्टल के माध्यम से एसपी कार्यालय की विशेष शाखा को सूचना मिली थी कि सोशल मीडिया पर कोई व्यक्ति पेपर लीक के नाम पर संदिग्ध गतिविधियां संचालित कर रहा है। इसके साथ ही डीएसटी को भी इनपुट मिला कि पटेल नगर स्थित एक मकान में रह रहा युवक ऑनलाइन माध्यम से री-नीट परीक्षा का फर्जी पेपर बेच रहा है।
अमेरिकी नेटवर्क का इस्तेमाल ताड़ा ने बताया कि कार्रवाई के दौरान वहां रहने वाले 19 वर्षीय आकाश चौधरी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जांच में सामने आया कि आरोपी ने टेलीग्राम पर ‘पेपर माफिया’ नाम से चैनल बना रखा था। वह USA के वीपीएन नंबर और प्रॉक्सी नेटवर्क के जरिए टेलीग्राम संचालित कर रहा था। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन, नीट की एक किताब और अन्य दस्तावेज बरामद किए। नीट की किताब के पन्नों को स्कैन कर डमी पेपर तैयार करता था और उन्हें असली पेपर बताकर अभ्यर्थियों को भेजता था। परिवार चूरू का, 25 साल से भीलवाड़ा में रह रहा आकाश चौधरी मूल रूप से चूरू जिले के रावतसर क्षेत्र से जुड़े परिवार का है। उसका परिवार करीब 25 साल पहले रोजगार के लिए भीलवाड़ा आया था और पटेल नगर विस्तार में बस गया। आकाश ने भीलवाड़ा में पढ़ाई करने के बाद 12वीं पास की और वर्तमान में जयपुर में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। पुलिस के अनुसार वह दो दिन पहले ही जयपुर से भीलवाड़ा लौटा था। मोबाइल जब्त, नेटवर्क और लेन-देन की जांच जारी थाना प्रभारी सुनील ताड़ा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी पेपर बेचने, आईटी एक्ट और सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने उसका मोबाइल जब्त कर लिया है और बैंक खातों के लेन-देन की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि अब तक कितने लोगों से ठगी की गई, खातों में कितना पैसा ट्रांसफर हुआ और इस पूरे नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। गूगल और एप्पल ने प्ले स्टोर से टेलीग्राम हटाया देश में पहली बार किसी एप को पेपर लीक की आशंका के कारण बैन किया गया है। सरकार का कहना है कि कुछ लोग इस एप का इस्तेमाल पेपर लीक की अफवाह फैलाने और छात्रों से ठगी करने के लिए कर रहे थे। NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने कहा कि ‘कोई विकल्प’ नहीं बचा था, क्योंकि जालसाज इसका दुरुपयोग कर रहे थे। सरकार के आदेश पर गूगल और एप्पल ने प्ले स्टोर से भी टेलीग्राम एप हटा दिया है। पेपर लीक के कारण 3 मई को रद्द हुई थी परीक्षा 3 मई 2026 को NEET-UG परीक्षा देशभर में आयोजित की गई थी। परीक्षा के बाद कई राज्यों से प्रश्नपत्र लीक होने और कुछ अभ्यर्थियों को पहले से पेपर मिलने के आरोप सामने आए। जांच में गड़बड़ियों के संकेत मिलने पर NTA ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी। इसके बाद केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों की समीक्षा के आधार पर दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया। नीट परीक्षा को लेकर टेलीग्राम पर लगी रोक 22 जून 2026 तक लागू रहेगी। टेलीग्राम का मैसेज-एडिटिंग फीचर भी 30 जून तक बंद किया गया है। …. NEET पेपरलीक से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… 1. नीट पेपरलीक का आरोपी पूर्व बीजेपी पदाधिकारी निकला:कांग्रेसी बोले- भाजपा और माफियाओं के बीच क्या रिश्ता है? भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा-हमारा कार्यकर्ता नहीं नीट-2026 पेपर लीक मामले में जमवारामगढ़ (जयपुर) से पकड़े गए दो भाइयों में एक भाजपा युवा मोर्चा का पदाधिकारी रह चुका है। बीजेपी से संबंध होने पर सियासी आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। पूरी खबर पढ़िए 2. NEET पेपर लीक- ‘गेस पेपर’ बनाकर 10 राज्यों में बेचा:120+ सवाल हूबहू मिले, परीक्षा से 3 सप्ताह पहले माफियाओं के पास पहुंचा पेपर भास्कर को सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड नासिक की प्रिंटिंग प्रेस से जुड़ा था। माफिया ने पेपर लीक को छिपाने के लिए इसे ‘गेस पेपर’ का नाम दिया। पूरी खबर पढ़िए
अमेरिकी नेटवर्क का इस्तेमाल ताड़ा ने बताया कि कार्रवाई के दौरान वहां रहने वाले 19 वर्षीय आकाश चौधरी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जांच में सामने आया कि आरोपी ने टेलीग्राम पर ‘पेपर माफिया’ नाम से चैनल बना रखा था। वह USA के वीपीएन नंबर और प्रॉक्सी नेटवर्क के जरिए टेलीग्राम संचालित कर रहा था। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन, नीट की एक किताब और अन्य दस्तावेज बरामद किए। नीट की किताब के पन्नों को स्कैन कर डमी पेपर तैयार करता था और उन्हें असली पेपर बताकर अभ्यर्थियों को भेजता था। परिवार चूरू का, 25 साल से भीलवाड़ा में रह रहा आकाश चौधरी मूल रूप से चूरू जिले के रावतसर क्षेत्र से जुड़े परिवार का है। उसका परिवार करीब 25 साल पहले रोजगार के लिए भीलवाड़ा आया था और पटेल नगर विस्तार में बस गया। आकाश ने भीलवाड़ा में पढ़ाई करने के बाद 12वीं पास की और वर्तमान में जयपुर में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। पुलिस के अनुसार वह दो दिन पहले ही जयपुर से भीलवाड़ा लौटा था। मोबाइल जब्त, नेटवर्क और लेन-देन की जांच जारी थाना प्रभारी सुनील ताड़ा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी पेपर बेचने, आईटी एक्ट और सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने उसका मोबाइल जब्त कर लिया है और बैंक खातों के लेन-देन की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि अब तक कितने लोगों से ठगी की गई, खातों में कितना पैसा ट्रांसफर हुआ और इस पूरे नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। गूगल और एप्पल ने प्ले स्टोर से टेलीग्राम हटाया देश में पहली बार किसी एप को पेपर लीक की आशंका के कारण बैन किया गया है। सरकार का कहना है कि कुछ लोग इस एप का इस्तेमाल पेपर लीक की अफवाह फैलाने और छात्रों से ठगी करने के लिए कर रहे थे। NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने कहा कि ‘कोई विकल्प’ नहीं बचा था, क्योंकि जालसाज इसका दुरुपयोग कर रहे थे। सरकार के आदेश पर गूगल और एप्पल ने प्ले स्टोर से भी टेलीग्राम एप हटा दिया है। पेपर लीक के कारण 3 मई को रद्द हुई थी परीक्षा 3 मई 2026 को NEET-UG परीक्षा देशभर में आयोजित की गई थी। परीक्षा के बाद कई राज्यों से प्रश्नपत्र लीक होने और कुछ अभ्यर्थियों को पहले से पेपर मिलने के आरोप सामने आए। जांच में गड़बड़ियों के संकेत मिलने पर NTA ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी। इसके बाद केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों की समीक्षा के आधार पर दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया। नीट परीक्षा को लेकर टेलीग्राम पर लगी रोक 22 जून 2026 तक लागू रहेगी। टेलीग्राम का मैसेज-एडिटिंग फीचर भी 30 जून तक बंद किया गया है। …. NEET पेपरलीक से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… 1. नीट पेपरलीक का आरोपी पूर्व बीजेपी पदाधिकारी निकला:कांग्रेसी बोले- भाजपा और माफियाओं के बीच क्या रिश्ता है? भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा-हमारा कार्यकर्ता नहीं नीट-2026 पेपर लीक मामले में जमवारामगढ़ (जयपुर) से पकड़े गए दो भाइयों में एक भाजपा युवा मोर्चा का पदाधिकारी रह चुका है। बीजेपी से संबंध होने पर सियासी आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। पूरी खबर पढ़िए 2. NEET पेपर लीक- ‘गेस पेपर’ बनाकर 10 राज्यों में बेचा:120+ सवाल हूबहू मिले, परीक्षा से 3 सप्ताह पहले माफियाओं के पास पहुंचा पेपर भास्कर को सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड नासिक की प्रिंटिंग प्रेस से जुड़ा था। माफिया ने पेपर लीक को छिपाने के लिए इसे ‘गेस पेपर’ का नाम दिया। पूरी खबर पढ़िए

