कांग्रेस ने नीरज डांगी को फिर राज्यसभा उम्मीदवार बनाया:पार्टी की एक सीट पर जीत तय; दलित वोट बैंक को साधने का प्रयास

कांग्रेस ने राज्यसभा की एक सीट पर उम्मीदवार घोषित कर दिया है। सांसद नीरज डांगी को लगातार दूसरी बार उम्मीदवार बनाया है। मौजूदा संख्या बल (67 विधायक) के हिसाब से एक सीट पर पार्टी की जीत तय है। डांगी को दूसरी बार मौका देकर कांग्रेस ने परंपरागत दलित वोट बैंक को साधने का प्रयास किया है। डांगी को लगातार दूसरी बार मौका देने के पीछे कांग्रेस के अंदरूनी सियासी समीकरण साधने के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। दरअसल, राजस्थान की 3 राज्यसभा सीटों पर 18 जून को वोटिंग होगी और उसी दिन नतीजे घोषित होंगे। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, बीजेपी सांसद राजेंद्र गहलोत और कांग्रेस सांसद नीरज डांगी का 21 जून को कार्यकाल पूरा हो रहा है, इस कारण तीन सीट खाली हो रही हैं। डांगी को दूसरा मौका देने में खड़गे की पैरवी
नीरज डांगी पूर्व सीएम अशोक गहलोत के नजदीकी माने जाते हैं। राज्यसभा में जाने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्ल्किार्जुन खड़गे से भी उनकी नजदीकी बढ़ी है। बताया जाता है कि खड़गे ने ही नीरज डांगी की पैरवी की, जिस वजह से उन्हें लगातार दूसरा मौका मिला है। रेवदर से तीन बार विधानसभा चुनाव हारे थे नीरज डांगी
नीरज डांगी रेवदर विधानसभा सीट से 3 विधानसभा चुनाव हारे थे। नीरज डांगी कांग्रेस के टिकट पर रेवदर से 2003, 2008 और 2018 में विधानसभा चुनार हारे। यूथ कांग्रेस से राजनीति की शुरुआत करने वाले डांगी संगठन में कई पदों पर रहे। 3 विधानसभा चुनावों में हार के बावजूद कांग्रेस ने उन्हें 2020 में राज्यसभा भेजा और अब दूसरी बार मौका दिया है। नीरज डांगी सियासी परिवार से हैं। नीरज के पिता दिनेशराय डांगी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे, वे विधायक और मंत्री रहे थे। राज्यसभा चुनाव निर्विरोध होने के आसार
प्रदेश की 3 सीटों पर राज्यसभा चुनाव निर्विरोध होने के आसार बन रहे हैं। अब तक की रणनीति के हिसाब से बीजेपी के तीसरे और कांग्रेस के दूसरा उम्मीदवार नहीं उतारने की संभावना है। दोनों ही पार्टियां फिलहाल अपने संख्या बल के हिसाब से ही चुनाव लड़ने की रणनीति अपना रही है। 2 सीट पर बीजेपी और 1 पर कांग्रेस की जीत के समीकरण हैं। बीजेपी के तीसरा और कांग्रेस के दूसरा उम्मीदवार नहीं उतारे जाने पर 11 जून को नाम वापसी की आखिरी तारीख के दिन ही तीन सीटों पर फैसला हो जाएगा। एक सीट पर जीत के लिए 51 वोट चाहिए
मौजूदा संख्या बल के हिसाब से बीजेपी को दो और कांग्रेस को एक सीट मिल रही है। एक सीट पर जीत के लिए 51 विधायक चाहिए। बीजेपी के दो राज्यसभा सीटें जीतने के ही समीकरण हैं। तीसरी सीट के लिए बीजेपी को 35 दूसरे दलों के विधायकों के वोट चाहिए। जो मौजूदा राजनीतिक हालात में लगभग असंभव है। आरएलडी बीजेपी के साथ है, बीजेपी अगर आठ निर्दलीयों, 2 बसपा, 4 बीटीपी के वोट भी लेने में कामयाब रहती है तो भी तीसरे उम्मीदवार के लिए 20 विधायकों के वोट कम पड़ेंगे। ………. ये खबर भी पढ़ें राज्यसभा चुनाव- बीजेपी ने सतीश पूनिया,अलका गुर्जर को उम्मीदवार बनाया:दो बड़े वोट बैंक को मैसेज देने का प्रयास; जानें- टिकट के क्या है मायने राज्यसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने गुरुवार को राजस्थान के दो प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। सतीश पूनिया और अलका गुर्जर को उम्मीदवार बनाया है। सतीश पूनिया वर्तमान में हरियाणा प्रभारी और अलका गुर्जर राष्ट्रीय सचिव हैं। (पूरी खबर पढ़ें)
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