बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के कारण राजस्थान में मानसून एक बार फिर एक्टिव हो गया है। बुधवार (22 जुलाई) को 4 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। वहीं, अन्य सभी जिलों में यलो अलर्ट है। हाड़ौती क्षेत्र में भारी बारिश से परवन समेत दूसरी नदियां उफान पर हैं। कोटा, बारां में 5 इंच से ज्यादा पानी बरसने से यहां किसानों की मुश्किलें बढ़ गई। जयपुर, कोटपूतली-बहरोड़, अलवर, सीकर, झुंझुनूं, दौसा समेत पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में भी अच्छी बरसात के बाद तापमान में 9 डिग्री तक गिरावट हुई। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने राज्य में 25 जुलाई तक मानसून एक्टिव रहने और पूरे प्रदेश में बारिश होने की संभावना जताई है। मानसून के बड़े अपडेट्स नदियां उफान पर: बारां, झालावाड़, कोटा में भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। झालावाड़ के मनोहरथाना में परवन नदी का जलस्तर 3 फीट बढ़ने से यहां एक छोटा पुल और मंदिर का हिस्सा डूब गया। मध्य प्रदेश में हो रही बारिश के बाद कालीसिंध नदी का जलस्तर बढ़ गया है। ऐसे में बांध का एक गेट करीब 0.10 मीटर खोलकर 426 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। 5 इंच से ज्यादा बरसात: पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश कोटा के सुल्तानपुर में 101MM और बारां के छीपाबड़ौद में 130MM हुई है। इसके अलावा हनुमानगढ़, बूंदी, अलवर, करौली, झुंझुनूं, सवाई माधोपुर में तेज बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार दौसा, झालावाड़, टोंक, नागौर, उदयपुर, चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, भरतपुर समेत कई जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश हुई। पारा 9 डिग्री तक गिरा: मौसम के इस बदलाव से तापमान में भी बड़ा उतार-चढ़ाव हुआ है। अलवर, पिलानी, सीकर, अजमेर, चूरू, गंगानगर, जयपुर सहित कुछ शहरों में अधिकतम तापमान 4 से लेकर 9 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। दिन में सबसे ज्यादा गर्मी जैसलमेर में रही, जहां का अधिकतम तापमान 39.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। हालांकि, करीब दो हफ्ते बाद प्रदेश में किसी शहर का तापमान 40 डिग्री से ऊपर रिकॉर्ड नहीं हुआ। राजस्थान में मौसम की तस्वीर… मानसून की पल-पल की अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

