4 साल की मेहनत 40 साल देती रहेगी इनकम:भीलवाड़ा के किसान ने 2022 में लगाया था इलाके का पहला बांस फार्म, अब फसल होगी

भीलवाड़ा जिले के पारोली गांव के किसान महावीर काबरा ने पारंपरिक फसलों से आगे बढ़कर अपनी 20 बीघा बंजर और अम्लीय जमीनन पर बांस (बैंबू) फार्म विकसित किया है। यह नवाचार क्षेत्र में कृषि विविधीकरण की दिशा में उदाहरण है। चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) बेटे ने पुणे में बांस की व्यावसायिक खेती की सफलता देखकर पिता को वैसी खेती करने का सुझाव दिया। न्यूटन और टुंडा किस्म के बांस साल 2022 के फरवरी-मार्च में विशेषज्ञों की देखरेख में खेत में 3500 गड्ढे खुदवाए। निर्माण कार्यों में अत्यधिक उपयोगी ‘न्यूटन’ और ‘टुंडा’ किस्म के बांस के पौधे जबलपुर से 45 रुपये प्रति पौधे की दर से लाकर मई-जून में रोपण किया। सबसे बड़ी चुनौती अम्लीय मिट्टी और पानी की कमी थी। अम्लता दूर करने के लिए हर गड्ढे में अलग से उपजाऊ मिट्टी लाकर डाली ताकि पौधों की जड़ें पनप सकें। पानी के लिए फार्म तलाई बनवाई। पूरे फार्म को बूंद-बूंद सिंचाई पद्धति से जोड़ा। सौर ऊर्जा पंप सेट स्थापित किया, जिससे बिजली पर होने वाला खर्च खत्म हो गया। पौधों की दूरी 10 फीट और लाइन से लाइन की दूरी 15 फीट रखी। देसी खाद का ही प्रयोग किया महावीर ने बताया कि फार्म में कभी भी रासायनिक खाद या कीटनाशक का इस्तेमाल नहीं किया। पौधों के पोषण और सुरक्षा के लिए जीवामृत, वर्मी कंपोस्ट और देसी खाद का ही प्रयोग कर रहे हैं। बांस से गिरने वाले पत्तों की प्राकृतिक खाद ने अम्लीय जमीन को भी बेहद उपजाऊ बना दिया है। साथ ही उन्होंने सह-फसली खेती अपनाते हुए बांस के बीच आंवला, आम और जामुन लगाए। गेहूं, चना और सब्जियों की जैविक खेती भी कर रहे हैं। चौथे साल में होती है कटाई शुरू वे बताते हैं, बांस की खेती में मेहनत और निवेश शुरुआती तीन-चार वर्षों है। तब भले ही आमदनी नहीं हुई, लेकिन चौथे साल में फार्म में कटाई शुरू हो जाएगी और अगले 40 साल तक बांस मिलता रहेगा। इस साल प्रति पौधे से 5 से 6 बांस निकलेंगे जो बाद में 15 तक हो सकते हैं। हर सीजन में फार्म से 15 से 20 हजार बांस निकलने की उम्मीद है। बाजार में औसतन कीमत 100 रुपए प्रति बांस है। बिक्री के लिए जबलपुर की नर्सरी से ही ऑर्डर मिल जाएंगे। काबरा के इस सफल प्रयोग को देखकर क्षेत्र के अन्य किसानों में भी बांस की खेती के प्रति रुझान बढ़ा है। कुछ ने खेतों की मेड़ों पर बांस लगाए भी हैं।
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