नमस्कार, ‘देश बचाने’ दिल्ली जा रहे विधायकजी का हरियाणा में लाइसेंस चेक हो गया। डीग में पंचायत समिति सदस्य प्रत्याशी ने गजब का ऑफर दे दिया। झालावाड़ में भक्त सरपंच ने कुर्सी ने भगवान को बैठा दिया और सीकर में एक हैरान करने वाला एक्सीडेंट हुआ। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में… 1. विधायकजी का लाइसेंस चेक हो गया दिल्ली वाले विपक्ष के नेताजी ने कहा कि देश खतरे में है। लोकतंत्र खतरे में हैं। देश को बचाना है। वोट को बचाना है। लोकतंत्र को बचाना है। नेताजी ने ऐलान कर दिया तो सभी नेतागण ने शपथ ले ली कि अब तो लोकतंत्र को बचाना ही होगा। देश को बचाना ही होगा। वोट को बचाना ही होगा। पंचायत चुनाव की तैयारियां अधम में छोड़ सभी नेताओं ने इंद्रप्रस्थ की ओर प्रस्थान किया। कोई बस से निकला। कोई ट्रेन से निकला। कोई खुद की कार से निकला। झुंझुनूं के सूरजगढ़ वाले विधायकजी ने भी फेसबुक पर आकर अपील कर दी कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में पार्टी के पदाधिकारी दिल्ली चलो। फलां तारीख को फलां समय पर एकजुट होने का आह्वान कर दिया। विधायकजी दिल्ली जाने के लिए नियत स्थान पर पहुंच गए। बाकी पदाधिकारी भी आ गए। एक समुच्च बन गया। कुछ गाड़ियों का काफिला हो गया। गाड़ियों ने कूच किया। राजस्थान में तो कोई दिक्कत नहीं हुई। लेकिन जैसे ही हरियाणा में प्रवेश किया तो पुलिस दल ने घेर लिया। सभी गाड़ियों को रोक लिया। ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी ने कहा- लाओ, लाइसेंस दिखाओ। विधायकजी को कम हैरानी हुई, विधायकजी के समर्थकनुमा चेलों और चेलानुमा समर्थकों को बड़ी हैरानी हुई। एक समर्थक ने पुलिस जबानदराजी की। बोला- ये ऐमैले साब हैं। बिना लाइसेंस जाएंगे क्या बताओ? पुलिस अधिकारी ने बात नजरअंदाज कर दी। बोला- लाइसेंस दिखाओ। समर्थक ने बात को तर्क के साथ पेश किया- ये बात बताओं कि आप राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री की गाड़ियां भी रोकते हो क्या? ये 6 बार के ऐमैले हैं। विधानसभा में सबसे सीनियर हैं। अधिकारी ने निर्विकार ढंग से कहा- नियम तो नियम है। समर्थक ने भी हार नहीं मानी। तीर छोड़ा- ऐमैले साब विधानसभा में नियम लागू करवाते हैं और आप इन्हीं से नियम की बात करते हो। अधिकारी अड़ियल निकला। कहा- हम भी वही एजेंसी हैं जो इनके जरिए नियमों का पालन करवाते हैं। अब तक सफेद झख कुर्ता, उस पर क्रीम कलर की नेहरू जैकेट और काला चश्मा लगाकार शान से सड़क पर खड़े विधायकजी ने उदासीन स्वर में समर्थक को आदेश दिया- लाइसेंस दिखा दो। तसल्ली करने के बाद अधिकारी ने कारवां को आगे गुजरने दिया। 2. बैठने वालों को जबरदस्त ऑफर बात डीग की है। जिले की कामां पंचायत समिति के सदस्य पद के लिए गांवड़ी-उचेड़ा ग्राम पंचायतों से एक उम्मीदवार मैदान में उतरा। उम्मीदवार का नाम हाजी बिलाल। बिलाल के बोलचाल के ढंग के कारण वह चर्चा में है। सुर्खियां बटोर रहा है। पंचायत समिति सदस्य के चुनाव हालांकि हो गए। बिलाल ने सदस्य का चुनाव लड़ा। अब 20 नवंबर का इंतजार कर रहा है। उस दिन रिजल्ट आएगा। प्रचार के दौरान उसके वीडियो अब सामने आ रहे हैं। प्रचार के दौरान उसने ऐलान किया- मेरे पास बहुत पैसा है। आते जाओ पैसा लेते जाओ और मेरे विरोधी प्रत्याशी बैठते जाओ। मैं बैठने वालों को एक लाख, दो लाख, पांच लाख दूंगा। बिलाल को सेब का चुनावी सिंबल मिला। इसके बाद वह सेब लेकर गांव-गांव गया। सेब काटकर बच्चों को खिलाई। एक गांव में प्रचार के दौरान बोला- आप सबसे हाथ जोड़कर अपील है। बिलाल का डिब्बा उथल-पुथल कर दो। खूब बटन दबाओ। ले बिलाल दे बिलाल कर दो। उसका अंदाज लोगों ने पसंद किया। इससे बिलाल उत्साहित हो गया। जोश-जोश में कह दिया- इंशाअल्लाह पंचायत समिति सदस्य का चुनाव जीत जाएंगे। सरपंच का भी जीत जाएंगे। फिर प्रधान भी बना लेंगे और इंशाअल्लाह विधायकी का टिकट भी मिल जाएगा और एमएलए भी बन जाएंगे। बिलाल की बात पर समर्थक हंसने लगते हैं। 3. सांवरिया सेठ का सरपंच भक्त सांवरिया सेठ में ईश्वर सेन की आस्था दिखावे की नही हैं। ईश्वर झालावाड़ के पारा पीपली ग्राम पंचायत के निवासी हैं। निरंतर सांवरिया सेठ के दरबार में हाजिरी लगाने जाते रहे। किसान परिवार से आते हैं। किसान संगठन से जुड़कर किसानों के मुद्दे उठाते रहे हैं। पंचायत चुनाव आए तो सरपंच का चुनाव लड़ने का मन बना लिया। अपनी तमन्ना लेकर सांवरिया सेठ के दरबार में गए और भगवान को चरण पादुकाएं भेंट की। वही पादुकाएं सिर पर रखकर मन्नत मांगी। अगर सरपंच बन गया तो पंचायत भवन में सरपंच की कुर्सी पर सांवरिया सेठ को बैठाऊंगा। उनकी आज्ञा से ही सारे काम करूंगा। खुद जमीन पर बैठकर फैसले करूंगा। पंच-सरपंच के चुनाव हुए और ईश्वर सेन सरपंच का चुनाव जीत गए। इसके बाद उन्होंने पंचायत भवन में विधि विधान और होम-हवन कर सरपंच की कुर्सी पर सांवरिया सेठ की तस्वीर रखी। भगवान को पंचायत भवन में बैठाकर उन्होंने कहा- सांवरिया सेठ का पहला आदेश है कि गांव में सफाई का काम किया जाए। सफाई कर्मी जुटे और जयकारा लगाकर काम शुरू किया। सरपंच बनने के बाद भी ईश्वर ने सैलून की दुकान वाले काम को नहीं छोड़ा। एक बुजुर्ग की कटिंग करते नजर आए। उनकी भक्ति और सादगी इलाके में चर्चा का विषय है। 4. चलते-चलते.. त्योहार और चुनाव दोनों के समय आमतौर पर आदमी जल्दबाजी, हड़बड़ी और जोश में होता है। इत्तेफाक से इस वक्त दोनों साथ-साथ चल रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि सड़क पर गाड़ी चलाते समय विशेष सावधानी बरती जाए। हाल ही सीकर से बाइक एक्सीडेंट का हैरान करने वाला वीडियो सामने आया। तेज रफ्तार बाइक सड़क किनारे वाली दीवार से टकराई। बाइक वहीं गिर गई और सवार करीब 8 फीट उछलकर गोसेवा समिति के बोर्ड से टकराया। जोरदार आवाज हुई। बोर्ड से टकराने के बाद वह हवा में चकरी की तरह घूमता हुआ सड़क पर गिरा। हादसा देखकर लगता है कि सवार का बचना मुश्किल। लेकिन वह किस्मत का धनी निकला। सड़क पर से ऐसे उठा जैसे नींद से जागा हो। खड़ा होकर इधर उधर देखा फिर चहलकदमी करते हुए बाइक के पास आ गया। इस हादसे में बाइक सवार तीन जगह टकराया। पहले दीवार से। फिर लोहे के बोर्ड से। और फिर सड़क से। तीनों में उसका सिर कहीं भी टकराने से बच गया। जिस वक्त वह सड़क पर गिरा तब कोई गाड़ी भी नहीं आ रही थी। इतनी लाजवाब किस्मत हर किसी की नहीं होती। इसलिए भलाई इसी में है कि सड़क पर वाहन चलाते समय हर नियम का कठोरता से पालन किया जाए। स्पीड कंट्रोल में रखी जाए। हेलमेट लगाया जाए। संकेतों का पालन किया जाए। नशे में वाहन न चलाया जाए। हर बार तो सांवरिया सेठ भी कृपा नहीं करेंगे। सावधान। इनपुट सहयोग- बल बहादुर सिंह हाड़ा (झालावाड़), मनोज कुमार (कामां, डीग), इम्तियाज भाटी (झुंझुनूं)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।

