बीकानेर में रिटायर्ड अधिकारी ने पत्नी को दुल्हन की तरह सजाकर अंतिम विदाई दी। खुद भी दूल्हे की तरह तैयार हुए। गाजे-बाजे के साथ अंतिम यात्रा निकाली गई, लेकिन मोक्षधाम पहुंचकर अंतिम विदाई देते समय अपने आंसुओं को रोक न सके और फूट-फूटकर रोने लगे। यह देखकर परिवार के साथ- साथ वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गईं। दरअसल, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के रिटायर्ड सहायक प्रशासनिक अधिकारी(AAO) राजेन्द्र प्रसाद जोशी की पत्नी अमिता जोशी (63) की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। जोशी का कहना था कि जैसे मैं उसे अपने जीवन में लेकर आया था, आज उसी तरह विदा भी करना चाहता था। 1984 में विवाह के बाद आई थीं बीकानेर गंगाशहर रोड निवासी राजेन्द्र प्रसाद जोशी (65) की शादी 18 फरवरी 1984 को उत्तराखंड के श्रीनगर की रहने वाली अमिता जोशी के साथ हुई थी। विवाह के बाद अमिता बीकानेर आ गई थीं। राजेंद्र प्रसाद ने बताया- 42 सालों के वैवाहिक जीवन में अमिता ने श्रेष्ठ पत्नी के रूप में जिम्मेदारियों को पूरी तरह से निभाया। वह लंबे समय से गुर्दे की बीमारी से पीड़ित थीं। गुरुवार की रात अमिता जोशी का निधन हो गया। शुक्रवार को गंगाशहर में बाफना स्कूल के सामने स्थित गली से उनकी अंतिम यात्रा गाजे-बाजे और रामनाम संकीर्तन के साथ रवाना हुई। बैंड पार्टी ने शादी की गीतों की धुनें बजाईं, जिन्हें सुनकर सभी भावुक हो गए। अंतिम यात्रा में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के पूर्व अधिकारी एवं कार्मिक, आस-पड़ोस के लोग और रिश्तेदार शामिल हुए। परिचितों ने राजेन्द्र प्रसाद जोशी को ढांढस बंधाया। राजेंद्र जोशी के परिवार में 2 बेटे हैं। इनमें छोटा बेटा अभिषेक वेटरनरी डॉक्टर है, जबकि बड़ा बेटा अमित इंजीनियर हैं। …………………….. ये खबर भी पढ़िए… 64 साल साथ रहे पति-पत्नी की गठजोड़े में निकाली अंतिम-यात्रा:पेड़ के फेरे लगवाकर एक चिता पर किया विदा; डेढ़-घंटे में दोनों ने तोड़ा था दम जालोर के भवराणी गांव में 64 साल, 4 महीने और 26 दिन तक जीवन के हर सुख-दुख में साथ निभाने वाले बुजुर्ग पति-पत्नी की अंतिम यात्रा भी साथ निकली। 90 वर्षीय पुनी देवी के निधन के महज डेढ़ घंटे बाद उनके पति दरगाराम प्रजापत (89) ने भी प्राण त्याग दिए। पूरी खबर पढ़िए

