कोटा जिले में डेंगू से ज्यादा स्क्रबटायफस के मरीज रिपोर्ट हुए हैं। चिकित्सा विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल अब तक मलेरिया का 1, डेंगू के 50, स्क्रबटायफस के 104 और चिकनगुनिया के 7 मरीज मिले हैं। डेंगू से दोगुने स्क्रबटायफस मरीज मिलने के पीछे की बड़ी वजह यह मानी जा रही है कि अब यह बीमारी ग्रामीण क्षेत्र तक ही सीमित नहीं रह गई, बल्कि शहरी क्षेत्र में भी इसके पिस्सू की मौजूदगी है, जो शहरी क्षेत्र के आउटर एरिया में लोगों को बीमार कर रहा है। अप्रैल में स्क्रबटायफस के 20 केस मिले हैं। जुलाई में मरीज घटकर 4 रह गए। कोटा में डेंगू-स्क्रबटायफस को लेकर मानसून और इसके बाद का सीजन चुनौतीपूर्ण होता है। गांव से ज्यादा शहर में फैली बीमारी वर्ष 2026 के आंकड़ों के अनुसार स्क्रबटायफस के 104 केस में से ग्रामीण क्षेत्र में 33 और शहरी क्षेत्र में 71 केस रिपोर्ट हुए हैं। अब तक शहर में कम मरीज मिलते थे, क्योंकि इसके पिस्सू ज्यादातर झाड़ियों और खेतों वाले इलाके में होते हैं। शहर के विज्ञान नगर में 7, कुन्हाड़ी में 6, भीमगंजमंडी में 5, बोरखेड़ा में 5, गोविंद नगर में 5, नयागांव में 5 केस मिले हैं। वहीं, अनंतपुरा में 4, छावनी में 4, काला तालाब में 4, महावीर नगर में 4, रंगबाड़ी में 3, रानपुर में 3, डीसीएम में 2, केशवपुरा में 2, पुरोहितजी की टापरी में 2, शॉपिंग सेंटर में 2, सूरजपोल में 2, टिपटा में 2, सूरजपोल में 2, दादाबाड़ी में 1, सकतपुरा में 1, तलवंडी में 1, नांता में 1 केस। इटावा ग्रामीण ब्लॉक में 10, कैथून 9, सांगोद 6, चेचट 4 और सुल्तानपुर ब्लॉक में 4 मरीज मिले हैं।

