ऑपरेशन के दौरान महिला के पेट में कपड़ा छोड़ा:दावा- बड़ी आंत फटी, लिवर भी डैमेज हुआ, अहमदाबाद में सर्जरी कर बाहर निकाला

चित्तौड़गढ़ के दक्ष हॉस्पिटल में सिजेरियन डिलीवरी के दौरान गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। ऑपरेशन करने वाली मेडिकल टीम ने महिला के पेट के अंदर ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाला कपड़ा (मोप) छोड़ दिया। अस्पताल से छुट्टी मिलने के करीब 10 दिन बाद महिला के पेट में तेज दर्द शुरू हो गया। इसके बाद तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। महिला का पहले चित्तौड़गढ़ में इलाज चला, फिर परिजन उसे अहमदाबाद के हॉस्पिटल ले गए, जहां जांच के दौरान पेट में कपड़ा नजर आया। महिला के पति ने आरोप लगाया कि हॉस्पिटल की लापरवाही के कारण पत्नी के शरीर में गंभीर संक्रमण फैल गया। बड़ी आंत फट गई और लिवर भी डैमेज हो गया। अहमदाबाद में ऑपरेशन कर कपड़ा निकाला गया। इलाज में करीब 15 लाख रुपए खर्च हुए। उधर, मामले की शिकायत जिला प्रशासन तक पहुंचने के बाद जिला कलेक्टर डॉ. मंजू ने शुक्रवार को मेडिकल टीम गठित कर जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों ने कहा कि जांच में डॉक्टर्स या हॉस्पिटल प्रशासन की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। 5 पॉइंट्स में पढ़िए पूरा मामला 1. 8 महीने की गर्भावस्था में हुआ सिजेरियन, बेटे का जन्म चित्तौड़गढ़ निवासी लोकेश चौधरी ने बताया- मेरी गर्भवती पत्नी जया चौधरी को 2 मई को उन्हें कुंभानगर स्थित दक्ष हॉस्पिटल ले जाया गया था। वहां डॉक्टर प्रतिभा सनाढ्य ने जांच के बाद गर्भावस्था में जटिलता बताई और तुरंत सिजेरियन की सलाह दी। उसी दिन दोपहर करीब 3 बजे पत्नी का ऑपरेशन किया गया। डॉक्टर ने परिवार को बताया कि बेटे का जन्म हुआ है। करीब 4 दिन हॉस्पिटल में रहने के बाद 6 मई को मां-बच्चे को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। 2. घर पहुंचने के बाद बिगड़ी पत्नी की तबीयत, बढ़ता गया संक्रमण लोकेश चौधरी ने बताया- अस्पताल से छुट्टी मिलने के करीब 10 दिन बाद जया के पेट में तेज दर्द और बुखार शुरू हो गया। हमने स्थानीय डॉक्टरों से इलाज कराया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। धीरे-धीरे पत्नी का खाना-पीना बंद हो गया और उल्टियां होने लगीं। 19 मई को बिरला हॉस्पिटल में जांच में लीवर में सूजन और शरीर में संक्रमण की बात सामने आई। 3. अहमदाबाद में पेट से निकला ऑपरेशन में इस्तेमाल हुआ कपड़ा उन्होंने बताया- हालत में सुधार नहीं होने पर 24 जून को पत्नी को अहमदाबाद के जायडस अस्पताल लेकर पहुंचा। यहां जांच के बाद डॉक्टर ने बताया कि पेट के अंदर ऑपरेशन के दौरान इस्तेमाल होने वाला कपड़ा रह गया था। इसके कारण पेट में फ्लूड जमा होकर बड़ी गांठ बन गई और गंभीर संक्रमण फैल गया। 27 जून को ऑपरेशन कर कपड़ा निकाला गया और बड़ी आंत का भी इलाज किया गया। 4. 15 लाख रुपए खर्च, नवजात को नहीं मिल पाया मां का दूध परिवार का आरोप है कि डॉक्टर्स की लापरवाही के कारण हमें आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ी। इलाज में अब तक करीब 15 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं। लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहने के कारण नवजात बच्चे को मां का दूध भी नहीं मिल सका। 5. जांच के लिए मेडिकल टीम गठित, रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई पति ने ऑपरेशन में लापरवाही का आरोप लगाते हुए डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर डॉ. मंजू ने मेडिकल टीम गठित की है। जांच में ऑपरेशन से जुड़े दस्तावेज, मेडिकल रिकॉर्ड और अस्पताल की रिपोर्ट देखी जाएगी। लापरवाही साबित होने पर संबंधित डॉक्टरों और हॉस्पिटल प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डॉक्टर बोले- दिक्कत थी तो पहले चेकअप करवाना चाहिए था उधर, दक्ष हॉस्पिटल की सीनियर डॉक्टर प्रतिभा सनाढ्य ने बताया- 2 महीने पहले मैंने ही ऑपरेशन किया था। महिला को कोई भी परेशानी थी, तो हॉस्पिटल आकर चेकअप करवाना चाहिए था। अब 2 महीने बाद खबर आ रही है कि मोप निकला है। उस समय ऑपरेशन के बाद तो वह बिल्कुल ठीक होकर घर चली गई थी। ऐसे में उनका दावा गलत है। ये खबर भी पढ़ें कमेटी ने माना- बिना जांचें गलत खून चढ़ाया था:प्रसूता-महिला और उनके पति के नाम समान होने से लापरवाही; प्रिंसिपल ने कहा- देंगे नोटिस जोधपुर के उम्मेद अस्पताल में प्रसूता और दूसरी महिला के नाम सहित उनके पति का नाम भी एक समान होने के कारण गलत खून चढ़ा दिया गया था। मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल को शुक्रवार को सौंपी गई रिपोर्ट में यह माना गया है कि बिना जांच किए गलत खून चढ़ाया गया। (पूरी खबर पढ़ें)
Back To Top