जयपुर महानगर द्वितीय की पोक्सो कोर्ट-1 ने नाबालिग छात्रा का अपहरण कर रेप करने और ब्लैकमेल करने के आरोपी को 20 साल की सजा सुनाई है। जज विकास कुमार खंडेलवाल ने अपने आदेश में कहा- दोषी अजीत सिंह उर्फ प्रदीप सिंह दरोगा के खिलाफ पहले भी नाबालिग बच्चियों के साथ रेप के मामले दर्ज हैं। इसमें उसे दोषी ठहराया जा चुका है। पीड़िता के पिता ने 19 नवंबर 2022 को करधनी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़िता ने उन्हें बताया कि आरोपी अजीत सिंह ने मई-जून 2022 में बिंदायका स्थित एक होटल में ले जाकर उससे दुष्कर्म किया था और अश्लील वीडियो बना लिया था। इसके बाद वह वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे आए दिन ब्लैकमेल करता रहा। पीड़िता का बयान विश्वसनीय बचाव पक्ष ने कोर्ट में तर्क दिया था कि पीड़िता की बड़ी बहन से अभियुक्त की सगाई टूटने के कारण उसे झूठा फंसाया गया है और डीएनए-एफएसएल रिपोर्ट से अपराध की पुष्टि नहीं होती। इस पर कोर्ट ने माना- यदि पीड़िता का बयान विश्वसनीय है तो केवल डीएनए रिपोर्ट की पुष्टि नहीं होने मात्र से अभियोजन का मामला कमजोर नहीं होता। उसके खिलाफ करधनी थाने में 2020 और 2021 में भी अन्य नाबालिग से बलात्कार का मामला दर्ज हुआ था। इसमें उसे दोषी मानते हुए सजा सुनाई गई है। ऐसे में उसके साथ सजा में किसी तरह की सहानुभूति दिखाने से समाज में गलत संदेश जाएगा।

