अठावले बोले-हालात सामान्य होने पर पेट्रोल-डीजल की कीमतें घटेंगी:EWS-आरक्षण में आय सीमा 12-15 लाख हो सकती है, कांग्रेस ने जातिगत जनगणना क्यों नहीं कराई

केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने EWS आरक्षण की आय सीमा को 8 लाख से बढ़ाकर 12 से 15 लाख रुपए करने के संकेत दिए हैं। अठावले ने हालात सामान्य होने पर पेट्रोल-डीजल की कीमतें घटाने की बात भी कही। अठावले ने कहा- अभी 8 लाख से कम सालाना आय वालों को ही EWS आरक्षण मिलता है। हमारे पास इसे बढ़ाने की मांग आई है। हमारा मंत्रालय और नीति आयोग ईडब्ल्यूएस आरक्षण में आय सीमा को बढ़ाकर 12 से 15 लाख रुपए करने पर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा- सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी EWS आरक्षण मिलता है। इसका फायदा सवर्ण जातियों से लेकर सभी धर्मों के लोगों को मिलता है। अठावले जयपुर के खासाकोठी सर्किट हाउस में शुक्रवार को मीडिया से बातचीत कर रहे थे। हालात सामान्य होने के बाद सरकार घटाएगी पेट्रोल-डीजल की कीमतें अठावले ने कहा- हमारी सरकार बनने के बाद डीजल-पेट्रोल का संकट कभी नहीं हुआ। यूएस और ईरान युद्ध के कारण पेट्रोल-डीजल, गैस की सप्लाई में बाधाएं आने से मजबूरी में सरकार ने रेट बढ़ाए हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका में 1200 से 1500 रुपए में सिलेंडर मिल रहा है, हमारे यहां उतनी रेट नहीं बढ़ी है। दूसरे देशों में बहुत ज्यादा दरें बढ़ी हैं। कांग्रेस सरकारों ने जातिगत जनगणना क्यों नहीं करवाई ? आठावले ने कहा- कोविड के कारण जनगणना नहीं हो पाई। इस बार सरकार जातिगत जनगणना करवा रही है। राहुल गांधी सवाल उठा रहे थे, लेकिन उन्हें यह बताना चाहिए कि उनकी पार्टी की इतने लंबे समय तक सरकारें रहीं, उनकी पार्टी की सरकारों ने जातिगत जनगणना क्यों नहीं करवाई? राहुल गांधी आरोप लगाते हैं। राहुल गांधी चाहे कितनी भी गाली दें, लेकिन मोदी उतना ही आगे बढ़ेंगे। मोदी सरकार हर वर्ग के उत्थान के लिए काम कर रही है। मोदी सरकार ने राजस्थान को खूब मदद दी अठावले ने कहा- मोदी सरकार हर राज्य का विकास कर रही है, बिना भेदभाव राज्यों को बजट दे रहे हैं। विपक्षी सरकारों को भी विकास के लिए पूरा बजट दे रहे हैं। मोदी सरकार राजस्थान को ज्यादा से ज्यादा मदद करने का प्रयास कर रही हैं। भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार अच्छा काम कर रही है। अठावले ने कहा- राजस्थान में 12 साल की अवधि में 3.84 करोड़ जनधन के अकांउट खोले गए। मुद्रा योजना में 2.51 करोड़ लोगों को लोन मिला है। उज्ज्वला योजना में 74.32 लाख लोगों को गैस सिलेंडर मिले हैं। आयुष्मान भारत योजना में 95.50 लाख लोगों को जोड़ा है।
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