जयपुर में पानी का बिल भरने के लिए जलदाय विभाग के ऑफिस या ई-मित्र जाने की जरूरत नहीं होगी। शहर के 6 लाख उपभोक्ताओं को बिल पर QR कोड मिलेगा, जिसे स्कैन कर पेमेंट किया जा सकेगा। इस QR कोड के जरिए लोग अपने पिछले 10 बिलों का रिकॉर्ड भी देख सकेंगे। खास बात ये है कि इसके लिए किसी मोबाइल एप को डाउनलोड करने की जरूरत नहीं है। पीएचईडी विभाग ने 10 अगस्त से इसे लागू कर दिया है। सबसे पहले जानिए कैसे होगा बिल का पेमेंट बिल कब बना ये भी देख सकेंगे डैशबोर्ड पर क्लिक करके यूजर अपने पिछले बिलों की डिटेल देख सकेंगे। यूजर यह भी देख सकेगा कि उसका बिल कब बना, कितनी राशि थी। उसका भुगतान किस स्थिति में है। यूजर ने कितना पेमेंट किया ये भी दिखेगा। बिल का मैसेज आएगा अब बकाया बिल की जानकारी यूजर्स के रजिस्टर वॉट्सएप नंबर पर भी आएगी। मैसेज में बिल की बकाया राशि और भरने की अंतिम तारीख के बारे में जानकारी रहेगी। इससे उपभोक्ताओं को हर बार बिल की जानकारी के लिए विभाग के ऑफिस जाने या बिल जमा करने की अंतिम तारीख याद रखने की परेशानी खत्म होगी। पानी का कनेक्शन किसी के नाम पर हो, पेमेंट दूसरा व्यक्ति कर सकता है। उदाहरण के लिए किसी व्यक्ति के घर के पानी का कनेक्शन उसके माता-पिता के नाम है। बिल को स्कैन करते ही सारी डिटेल्स आ जाएगी। वो इसका भुगतान अपने फोन के प्रोसेस से कर सकता है। सिस्टम से पहले ट्रायल हुआ पीएचआडी विभाग ने इसका काम रुद्रा सिस्टम नाम की कंपनी को दिया था। कंपनी के रिप्रजेंटेटिव और सिस्टम को तैयार करने वाले राकेश शर्मा के अनुसार बिल भरने के प्रोसेस को आसान बनाने के लिए इस पर काफी रिसर्च हुआ। इसके बाद इस सिस्टम पर काम किया गया। अभी 1.30 लाख उपभोक्ताओं के नंबर रजिस्टर्ड पीएचईडी के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर रजिस्ट्रेशन की है। विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक करीब 6 लाख जल उपभोक्ताओं में से अभी सिर्फ 1.30 लाख उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर विभाग में रजिस्टर्ड हैं। ऑनलाइन बिल भुगतान और बिल से जुड़े अलर्ट का फायदा लेने के लिए मोबाइल नंबर रजिस्टर होना जरूरी होगा। जिन उपभोक्ताओं का नंबर पहले से विभाग में दर्ज है, उनके लिए यह प्रक्रिया और आसान होगी। जो नंबर रजिस्टर्ड नहीं है, वे कोड स्कैन करने के बाद अपना मोबाइल नंबर दर्ज कर उसे रजिस्टर कर सकेंगे।

