उदयपुर के गोवर्धन विलास थाना क्षेत्र स्थित प्रतिष्ठित भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) बलीचा परिसर में बड़ी चोरी का मामला सामने आया है। यहां स्थापित 500 किलोवाट क्षमता के सोलर पावर प्लांट में घुसकर चोरों ने लाखों रुपये मूल्य के उपकरण और केबल पार कर दिए। शातिर बदमाशों ने न केवल बड़ी मात्रा में तार और कनेक्टर चुराए, बल्कि सोलर पैनलों और अन्य उपकरणों को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। चोरी के कारण पूरा सोलर प्लांट ठप हो गया है, जिससे संस्थान में बिजली उत्पादन को भारी नुकसान पहुंचा है। मामले की जांच कर रहे SI अर्जुन लाल सालवी ने बताया- पुलिस टीम ‘इवेंट लॉग’ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घटनास्थल का निरीक्षण (मौका मुआयना) कर चोरों की तलाश में जुटी है। आईआईएम और विद्युत बोर्ड को होती है बिजली सप्लाई आईआईएम बलीचा परिसर में एनटीपीसी विद्युत व्यापार निगम लिमिटेड (NVVN) द्वारा 500 किलोवाट का यह सोलर प्लांट स्थापित किया गया है। नेट मीटरिंग के जरिए इस प्लांट से बनने वाली बिजली आईआईएम उदयपुर परिसर के साथ-साथ राजस्थान राज्य विद्युत बोर्ड (RSEB) को भी सप्लाई की जाती है। प्लांट की सुरक्षा और देखभाल की प्राथमिक जिम्मेदारी आईआईएम प्रबंधन की है। इंवर्टर ट्रिप होने से थमा उत्पादन प्लांट के अधिकृत प्रतिनिधि गणेश गुरुस्वामी ने बताया कि 25 और 26 जुलाई 2026 की दरमियानी रात अज्ञात चोरों ने प्लांट में अवैध रूप से प्रवेश किया। बदमाशों ने परिसर से करीब 5000 मीटर डीसी केबल, 1400 एमसी-4 कनेक्टर, अर्थिंग वायर और लैन केबल काटकर चुरा ली। चोरी के दौरान उपकरणों में तोड़फोड़ के कारण इंवर्टर ट्रिप हो गए, जिससे तत्काल प्रभाव से बिजली उत्पादन बंद हो गया। शिकायतकर्ता ने पुलिस को इसका तकनीकी प्रमाण देने के लिए इंवर्टर ट्रिपिंग की ‘इवेंट लॉग’ रिपोर्ट भी सौंपी है। सुरक्षा पर उठे सवाल सुरक्षा व्यवस्था के तहत एनटीपीसी और आईआईएम के बीच हुए करार के अनुसार आईआईएम के एस्टेट विभाग के शिवम त्यागी को केयरटेकर और आयुष बंसल को संचालन का जिम्मा सौंपा गया था। इसके बावजूद इतने सुरक्षित कैंपस में चोरी होने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। शिकायतकर्ता की ओर से अधिकृत प्रतिनिधि सौरभ चौधरी ने गोवर्धन विलास थाने में एनटीपीसी और आईआईएम के बीच हुए एग्रीमेंट के कागजात भी पेश किए हैं।

