राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने 17 साल से फरार चल रहे 25 हजार के इनामी चरस तस्कर को गिरफ्तार किया। ऑपरेशन ‘विषधरासिम’ के तहत टीम ने आरोपी पर नजर रखने के लिए कभी बाइक राइडर तो कभी मजदूर बन जानकारी जुटाई। ANTF आईजी विकास कुमार ने बताया कि- तस्कर जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग निवासी शबीर अहमद खान उर्फ हाजी को 14 सितंबर को अनंतनाग से गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि आरोपी ने चरस की तस्करी अपने पिता से सीखी थी और लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बचता रहा। 2009 में सामने आया था कश्मीर से गुजरात तक नेटवर्क ANTF आईजी विकास कुमार ने बताया कि ANTF के अनुसार, साल 2009 में दिल्ली से अहमदाबाद जा रही ट्रेन में चरस की बड़ी खेप पकड़े जाने के बाद राजस्थान पुलिस ने कश्मीर से गुजरात तक फैले नशे के नेटवर्क का खुलासा किया था। इस नेटवर्क का प्रमुख सूत्रधार कश्मीर में बैठा हाजी उर्फ शबीर अहमद था। पुलिस कार्रवाई की भनक लगने के बाद आरोपी फरार हो गया। इसके बाद उसने अनंतनाग और आसपास के इलाकों में ठिकाने बदल-बदलकर रहना शुरू कर दिया और करीब 17 साल तक राजस्थान पुलिस की गिरफ्त से बचता रहा। पिता से सीखी चरस की तस्करी पूछताछ में सामने आया कि शबीर अहमद के पिता सिविल कॉन्ट्रेक्टर होने के साथ चरस की तस्करी से भी जुड़े थे। पिता गांव में चरस तैयार कर आसपास के इलाकों में सप्लाई करते थे। पिता के संपर्क में रहने के कारण शबीर भी कम उम्र में ही तस्करी से जुड़ गया। एमआर की नौकरी की आड़ में कस्टमर तलाशे आरोपी ने शुरुआती दौर में अनंतनाग में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (MR) के तौर पर काम किया। इस दौरान वह मेडिकल स्टोर पर दवाइयां सप्लाई करता था। इसी दौरान उसकी पहचान चरस के कस्टमर से हुई और धीरे-धीरे उसने आसपास के क्षेत्रों में चरस की सप्लाई शुरू कर दी। A-Class इलेक्ट्रिशियन कॉन्ट्रैक्टर का कार्ड बनवाकर बढ़ाया नेटवर्क पुलिस के मुताबिक, शबीर अहमद ने बाहरी राज्यों में संपर्क बढ़ाने के लिए इलेक्ट्रिशियन कॉन्ट्रैक्टर का A-Class कार्ड बनवाया और बाहर की कंपनियों के ठेके लेने शुरू किए। इसी क्रम में उसने राजस्थान में भी एक कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट लिया। ठेके के काम के दौरान दूसरे राज्यों के लोगों से उसकी जान-पहचान बढ़ती गई। आरोपी ने इन संपर्कों का यूज चरस तस्करी का नेटवर्क फैलाने में किया और राजस्थान सहित अन्य राज्यों के तस्करों से संपर्क कर बड़े स्तर पर चरस की सप्लाई शुरू कर दी। धारा 370 हटने के बाद बदला तस्करी का तरीका पूछताछ में आरोपी ने बताया कि धारा 370 हटने के बाद कश्मीर में चरस की खेती और कारोबार पर पुलिस की सख्ती बढ़ गई थी। स्थानीय कारोबारियों पर शिकंजा कसने से उसका कारोबार प्रभावित होने लगा। इसके बाद उसने स्थानीय स्तर पर कारोबार करने के बजाय बाहरी राज्यों में बड़ी खेप भेजने पर जोर दिया और अपने नेटवर्क के जरिए दूसरे राज्यों में चरस की सप्लाई बढ़ा दी। ग्रे रंग की ऑल्टो ने पहुंचाया आरोपी तक जांच के दौरान टीम को महत्वपूर्ण सूचना मिली कि हाजी के पास ग्रे रंग की ऑल्टो कार है, जिससे वह इलाके में आता-जाता है। टीम ने संदिग्ध ठिकाने और सप्लाई सेंटर के आसपास करीब तीन दिन तक लगातार निगरानी रखी। इसी दौरान सूचना के मुताबिक, ग्रे रंग की ऑल्टो कार आती दिखाई दी। ANTF टीम ने बाइक से कार का पीछा किया। कार आरोपी के घर के बाहर जाकर रुकी और उसमें से एक व्यक्ति उतरकर घर के अंदर चला गया। ANTF टीम ने तत्काल स्थानीय पुलिस से संपर्क किया और पूरी जानकारी साझा की। जम्मू-कश्मीर पुलिस के सहयोग से आरोपी के घर पर दबिश दी गई और शबीर अहमद उर्फ हाजी को घर से गिरफ्तार कर लिया गया।

