नमस्कार अलवर के एक भाजपा कार्यकर्ता ने नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल को खुली चुनौती दे दी। डूंगरपुर में कुर्सी पर पैर पसारकर बैठी कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया और हेल्थ मिनिस्टर गजेंद्र सिंह की लग्जरी कार अलवर में चर्चा में रही। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में… 1. हनुमान बेनीवाल… आपकी लैंग्वेज सुधरेगी कि नहीं उनका नाम राजकुमार पंडा खेड़ली है। वे सेवक हैं कठूमर के। पूर्व जिला उपाध्यक्ष हैं अलवर भाजपा के। नगरपालिका खेड़ली में नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं और ब्राह्मण महासभा अलवर में पदाधिकारी हैं। कुल मिलाकर पार्टी-संगठन में गुजरा दौर ठीक था। अब सामने निकाय चुनाव हैं। किसी भी वक्त हो सकते हैं। तूती उसी की बोलेगी जो सक्रिय दिखेगा तो नेताजी फुल सक्रिय नजर आ रहे हैं। सक्रियता का शॉर्टकट सोशल मीडिया भी है। बीते दिनों नागौर सांसद ने सीधे सीएम पर टिप्पणी की तो राजकुमारजी ने सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर ललकार दिया। खुली चुनौती दी- बेनीवालजी। आपके बड़बोलेपन की हद है। जुबान संभालकर बात किया करो। जिस दिन मैं कुछ बन गया, उसी दिन… वीडियो बढ़िया बन पड़ा। धारा-प्रवाह जो लताड़ पिलाई। अंगुली उठा-उठाकर गरजे। वीडियो को खूब कमेंट-लाइक मिले। हौसला बढ़ा। बेनीवालजी ने फिर मौका दिया। सीएम की जाति पर कोई बात कह गए। कार्यकर्ता राजकुमार ने देर नहीं लगाई। सोशल मीडिया पर आकर फिर खुली चुनौती दी- बेनीवालजी। आपकी लैंग्वेज सुधरेगी कि नहीं? 2. कुर्सी पर ‘विपरीत करणी आसन’ यह किसी की शरारत है। हो सकता है कि फरियादी ने ही रंजिशवश साजिश को अंजाम दिया हो। कॉन्स्टेबल मैडम तो कुर्सी पर बैठे-बैठे ‘विपरीत करणी आसन’ कर रही थीं। 21 जून को ही सीखा था। कार्यस्थल पर इस तरह का आसन करने से गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव से खून और लिम्फेटिक तरल पदार्थ का प्रवाह दिल की तरफ आसानी से होता है। इससे पैरों और टखनों की सूजन, ऐंठन और भारीपन में तुरंत राहत मिलती है। इससे तनाव और चिंता कम होती है। अनिद्रा में सुधार होता है। नर्वस सिस्टम शांत होता है। पाचन तंत्र मजबूत होता है और आंतरिक कार्यप्रणाली सुधरती है। जहां तक पुलिस की कार्यप्रणाली का सवाल है। वह भी धीरे-धीरे सुधर ही जाएगी। 3. चलते-चलते हेल्थ मिनिस्टर साहब ने औचक निरीक्षण किया था। उन्हें चार में से 3 नर्सिंग स्टाफ छुट्टी पर मिले। डॉक्टर तो पीजी करके चले गए। नए की व्यवस्था करनी थी। इसके बाद भी फूलों का गुलदस्ता देकर उनका स्वागत किया गया। मंत्रीजी जाने वाले थे। तभी एक कॉमन मैन समस्या बताने को मचल उठा। वह मंत्रीजी की महंगी कार के सामने आकर टके की बात करने लगा। वह अस्पताल व्यवस्था की शिकायत करना चाहता था। बेमतलब की सी बात थी। जैसे- नर्सिंग स्टाफ ठीक से काम नहीं करता। बेचारे गरीब परिजन-अटेंडेंट को भेड़-बकरी समझा जाता है। डॉक्टर तक पहुंचने नहीं देते। कॉमन मैन को किसी ने झिड़क कर पूछा- तेरा पर्सनल मामला है क्या? वह बोला- ये तो सबका मामला है। किसी ने फिर कहा- सोम, मंगल, बुध जयपुर आ जाना समस्या बताने। कॉमन मैन को कार के आगे से हटा दिया गया। कार चल पड़ी तब एक पत्रकार को याद आया- अरे यार। मंत्रीजी कार बड़ी लग्जरी लेकर आए थे। ये सवाल तो रह ही गया। सुना है 3 करोड़ की कार है और 6 का माइलेज देती है। लगता है होर्मुज स्टेट खुल गया। अब ईंधन बचाने की जरूरत नहीं। इनपुट सहयोग- धर्मेंद्र यादव (अलवर), चिंतन जोशी (डूंगरपुर)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।

