जैसलमेर हत्याकांड: चश्मदीद बोला- अनहोनी का अंदेशा हो गया था:3 गाड़ियों में 15 लोग थे, लाठी-सरिए मारे; मुझे कहा- किसी को बताया तो जान से मार देंगे

जैसलमेर में आपसी कहासुनी में युवक की हत्या को लेकर परिजन मॉर्च्युरी के बाहर बैठे हैं। युवक साथ बाइक पर सवार साथी ने पूरी घटना के बारे में बताया है। वहीं परिजनों का आरोप है कि 2-3 बार कहासुनी हुई थी, अंदाजा नहीं था कि वो 15 लोगों के साथ मिलकर हत्या कर देगा। अब जब तक पुलिस 15 लोगों को गिरफ्तार नहीं कर लेती, हम शव नहीं उठाएंगे। घटना खुहड़ी थाना इलाके के सोड़ा गांव की है। इसका CCTV भी सामने आया था। चश्मदीद भोपाल सिंह के अनुसार, अचानक सामने से गाड़ियां आई और हेडलाइट से डिपर देने लगे तो अनहोनी का अंदेशा हो गया था। बदमाशों ने महावीर को बुरी तरह पीटा। मुझे कहा- किसी को बताया तो जान से मार देंगे। एसपी अभिषेक शिवहरे ने बताया- मंगलवार को म्याजलार निवासी महावीर सिंह अपने साथी भोपाल सिंह के साथ जैसलमेर से अपने गांव लौट रहा था। इस दौरान म्याजलार निवासी हमीर सिंह और अन्य लोगों ने दोनों पर हमला कर दिया। गाड़ी में डालकर महावीर और भोपाल सिंह को ले गए। मारपीट में महावीर सिंह की मौत हो गई। पढ़िए युवक को गिरफ्तार कर हत्या करने की पूरी कहानी 3 गाड़ियां सामने से आते दिखीं, अनहोनी की आशंका हो गई थी वारदात के समय बाइक पर पीछे बैठे धानेली निवासी भोपाल सिंह पुत्र राण सिंह ने बताया- मैं और महावीर सिंह कल बाइक पर जा रहे थे। करीब 30 किलोमीटर दूर सामने से 3 गाड़ियां आती दिखाई दी। दिन का समय था, गाड़ियां डिपर मार रही थी। हमें कुछ अनहोनी का अंदेशा हुआ, तो हमने बाइक को साइड में लेकर धीमा कर लिया। लेकिन बदमाशों ने संभलने का मौका ही नहीं दिया और हमारी बाइक को जोरदार टक्कर मारकर गिरा दिया। 15 ने घेरकर महावीर को पीटा भोपाल सिंह ने बताया- टक्कर लगते ही हम गिर गए। बदमाशों ने तुरंत मुझे उठाकर अपनी गाड़ी में डाल दिया। इसके बाद करीब 15 बदमाशों ने महावीर सिंह को घेर लिया और उस पर लाठी, डंडों और लोहे के सरियों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। उन्होंने महावीर को तब तक बेरहमी से पीटा, जब तक वह अधमरा नहीं हो गया। इसके बाद वे महावीर को भी लहूलुहान हालत में गाड़ी में डालकर रवाना हो गए। मुझे जान से मारने की धमकी दी भोपाल सिंह ने कहा- करीब 10 किलोमीटर आगे जाने के बाद बदमाशों ने मेरा मोबाइल छीन लिया और मुझे चलती गाड़ी से नीचे उतार दिया। उन्होंने धमकी दी कि अगर इस बारे में किसी को भी बताया तो जान से मार देंगे। इसके बाद वे महावीर को लेकर भाग गए। इस हमले में मैं भी घायल हुआ हूं। गाड़ियों में करीब 15 लोग सवार थे, जिनमें से मैं मायज्लार निवासी हमीर सिंह और सब्जी की गाड़ी चलाने वाले पापू सिंह को पहचान पाया हूं, बाकी अन्य बदमाश थे। पिता बोले- अंदाजा नहीं था, हत्या कर देगा महावीर सिंह के पिता गोरधन सिंह ने बताया- बेटे की आरोपी हमीर सिंह के साथ पहले भी दो-तीन बार कहासुनी हुई थी। लेकिन अंदाजा नहीं था कि वह 15 लोगों को साथ लाकर इस तरह बेरहमी से हत्या कर देगा। परिजनों का आरोप है कि इतनी बड़ी वारदात होने के बावजूद पुलिस ने उन्हें कोई जानकारी नहीं दी। पुलिस ने सीधे अस्पताल से महावीर के शव को लाकर मॉर्च्युरी में रखवा दिया। इस बात से नाराज परिजन और ग्रामीण अस्पताल की मॉर्च्युरी के बाहर ही धरने पर बैठ गए हैं। शव उठाने से इनकार पिता गोरधन सिंह ने बताया- जब तक पुलिस सभी 15 हत्यारों को गिरफ्तार नहीं कर लेती, तब तक वे महावीर का शव नहीं उठाएंगे। इलाके में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और आरोपियों की तलाश में नाकाबंदी की गई है। पढ़ें वारदात से जुड़ी ये खबर भी… युवक की पीट-पीटकर हत्या:किडनैप कर चलती गाड़ी में लात-घूंसों और डंडों से पीटा, सड़क पर फेंक गए जैसलमेर में युवक को किडनैप कर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। दो गाड़ियों में आए हमलावरों ने बाइक पर बैठे युवक और उसके साथी को टक्कर मार दी। (पढ़ें पूरी खबर)
Back To Top