हरियाणा में डेयरी क्रांति को नई रफ्तार, अमित शाह और सीएम सैनी ने किया अमूल प्लांट का उद्घाटन

चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि साबर डेयरी (अमूल) प्लांट न केवल हरियाणा बल्कि पूरे उत्तर भारत की दुग्ध आवश्यकताओं की पूर्ति करेगा, साथ ही रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के “सहकार से समृद्धि” मंत्र ने सहकारी आंदोलन को नई दिशा दी है। वर्ष 2021 में सहकारिता मंत्रालय की स्थापना इसी सोच का परिणाम है, और आज ‘राष्ट्रीय सहकारिता नीति 2025’ इसी का एक महत्वपूर्ण प्रतिफल है।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी आज रोहतक में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह द्वारासाबर डेयरी (अमूल) प्लांट के विस्तार प्लांट के उद्घाटन समारोह के अवसर पर अपना संबोधन दे रहे थे।

उन्होंने कहा कि अमूल केवल दूध और डेयरी उत्पादों का ब्रांड नहीं, बल्कि भारत के सहकारी आंदोलन की ताकत है। रोहतक का यह आधुनिक प्लांट दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत में दुग्ध उत्पादों की मांग पूरी करने के साथ- साथहरियाणा की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देगा। उन्होंने कहा कि यह प्लांट जनवरी 2015 में शुरू हुआ था और अब इसके विस्तार में 325 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। इस विस्तार के बाद यह प्लांट दही, छाछ और योगर्ट के उत्पादन का देश का सबसे बड़ा प्लांट बन गया है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा बल्कि हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को सहकारी संस्थाओं के माध्यम से कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध करवा रही है। हैफेड द्वारा उन्नत किस्म के बीज, खाद और कीटनाशक दवाइयाँ समय पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। शुगर फेडरेशन द्वारा गन्ना किसानों को 400 रुपये प्रति क्विंटल का मूल्य दिया जा रहा है और छह सहकारी चीनी मिलें संचालित की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि हरियाणा देश में दुग्ध उत्पादन में तीसरे स्थान पर है, जहाँ प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता 1105 ग्राम प्रतिदिन है और वार्षिक उत्पादन 122 लाख 20 हजार टन तक पहुँच गया है। सहकारी दुग्ध समितियों के माध्यम से उत्पादकों को 2015 से ‘दुर्घटना बीमा योजना’ का लाभ दिया जा रहा है। वित्त वर्ष 2023-24 में इसकी बीमा राशि को बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों के सदस्य परिवारों की बेटियों के विवाह पर 1100 रुपये, छात्रवृत्ति योजना के तहत 10वीं व 12वीं में 80% से अधिक अंक लाने वाले बच्चों को 2100 से 5100 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आह्वान करते हुए कहा कि हम सब मिलकर सहकारी आंदोलन को और सशक्त बनाएं और एक समृद्ध, विकसित हरियाणा के निर्माण में योगदान दें। उन्होंने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह का विशेष धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि कि उनके कर-कमलों से इस डेयरी प्लांट का उद्घाटन होना हम सबके लिए प्रेरणादायक क्षण है।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, केंद्रीय राज्य सहकारिता मंत्री श्री कृष्ण पाल गुर्जर, हरियाणा के सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल कौशिक,गुजरात के खाद्य एवं आपूर्तिराज्यमंत्री भीखू परमार,सांसद धर्मबीर सिंह, राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा, साबर डेयरी के अध्यक्ष शामलभाई बी पटेल, अमूल के अध्यक्ष अशोक भाई चौधरी सहित अन्य गणमान्य व प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

चंडीगढ़, 3 अक्टूबर – केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि भारत आज विश्व का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश बन चुका है। श्वेत क्रांति-2 के अंतर्गत देशभर में 75 हज़ार से अधिक डेयरी समितियों की स्थापना कर लगभग 40 हज़ार डेयरी सहकारी संस्थाओं को सुदृढ़ किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2029 तक देश के प्रत्येक गांव को सहकारिता आंदोलन से जोड़ा जाए।

केंद्रीय मंत्री श्री अमित शाह शुक्रवार को आईएमटी रोहतक में साबर डेयरी (अमूल) प्लांट के विस्तार प्लांट के उद्घाटन अवसर पर उपस्थित जन समूह को संबोधित कर रहे थे। इस प्लांट में प्रतिदिन 150 मीट्रिक टन दही, तीन मीट्रिक टन छाछ, 10 मीट्रिक टन योगर्ट व 10 मीट्रिक टन मिठाई का उत्पादन होगा। उनके साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी सहित अनेक गणमान्य भी उपस्थित थे।

कार्यक्रम में उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि भारत में डेयरी क्षेत्र ने गत 11 वर्षों में 70% की विकास दर के साथ वैश्विक स्तर पर सबसे तीव्र गति से प्रगति की है। वर्ष 2014 की तुलना में डेयरी क्षेत्र में विकास 86% से बढ़कर 120% तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में जहां देश में 140 मिलियन टन दूध का उत्पादन होता था, वह अब बढ़कर 249 मिलियन टन तक पहुंच गया है। देसी गायों के दूध का उत्पादन भी 29 मिलियन टन से बढ़कर 50 मिलियन टन हो गया है, जो एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। आज देश में 8 करोड़ नए किसान डेयरी क्षेत्र से जुड़े हैं। इसके फलस्वरूप, प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता भी वर्ष 2014 में 124 ग्राम से बढ़कर वर्तमान में 471 ग्राम प्रतिदिन हो गई है।

अपने संबोधन में हरियाणा की मातृशक्ति का अभिवादन करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि हरियाणा के सर्वाधिक जवान पैरामिलिट्री बलों एवं भारतीय सेना में सेवा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश का हर तीसरा पदक हरियाणा के खिलाड़ी लेकर आते हैं, और देश के अन्न भंडारण में भी हरियाणा का योगदान सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सहकारिता क्षेत्र के लिए पृथक मंत्रालय की वर्षों पुरानी मांग को पूरा किया, और इस क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में सहकारिता मंत्रालय ने राज्य सरकारों के सहयोग से सहकारिता की नींव को सुदृढ़ करने का कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि आज अमूल डेयरी ने हरियाणा में देश का सबसे बड़ा दूध, छाछ, मिठाई और योगर्ट का प्लांट शुरू किया है। देश में हरियाणा के लोग सबसे ज्यादा दूध और छाछ का प्रयोग करते हैं इसलिए हरियाणा के साथ-साथ एनसीआर क्षेत्र की भी आपूर्ति बेहतर हो यही इस प्लांट का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि गुजरात के साबरकांठा जिले से तीन लोगों से शुरू हुई साबर डेयरी ने पहले गुजरात के 9 जिलों में अपना विस्तार किया और आज यह देश व दुनिया में 85 हजार करोड रुपए का व्यापार करती है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने यह वायदा किया है कि आज इस प्लांट की जितनी क्षमता है अगले एक वर्ष में इसे दो गुना करेंगे। उन्होंने कहा कि इस प्लांट से पूरे हरियाणा के प्रत्येक जिले को लाभ होगा और लाखों किसान इससे जुड़ेंगे। यह डेयरी हरियाणा की समृद्धि में मील का पत्थर साबित होगी।

उन्होंने हरियाणा के पशुपालक किसानों से वायदा किया कि पशुओं के लिए भ्रूण स्थानांतरण व लिंग निर्धारण योजना का लाभ सभी किसानों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा में मधुमक्खी पालन व जैविक खेती को भी बढ़ावा देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पशुपालक किसानों के लाभ के लिए तीन लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं जिनमें पशु आहार, गोबर प्रबंधन व दूध उत्पादक पशुओं के अवशेषों का सर्कुलर शामिल है।

किसानों को संबोधित करते हुए श्री अमित शाह ने कहा कि राष्ट्रीय गोकुल मिशन इस क्षेत्र में वरदान साबित हुआ है। किसानोंकी मदद के लिए एनिमल हसबेंडरी फंड की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि भविष्य में दूध के उत्पाद दुनिया भर में जाएं और देश के किसान आत्मनिर्भर बने इसके लिए संयंत्रों की स्थापना का कार्य भी तीन गुना तेजी से किया जाएगा। इस क्षेत्र में रिसर्च को बढ़ावा मिले और अत्यधिक प्लांट स्थापित हो यही केंद्र सरकार का लक्ष्य है।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, केंद्रीय राज्य सहकारिता मंत्री श्री कृष्ण पाल गुर्जर, हरियाणा के सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल कौशिक,गुजरात के खाद्य एवं आपूर्तिराज्यमंत्री भीखू परमार,सांसद धर्मबीर सिंह, राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा, साबर डेयरी के अध्यक्ष शामलभाई बी पटेल, अमूल के अध्यक्ष अशोक भाई चौधरी सहित अन्य गणमान्य व प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

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