शेयर इन्वेस्टमेंट में नुकसान हुआ तो बनाई ड्रग्स फैक्ट्री:यूट्यूब से सीखा MD बनाना; कंपनी की तरह आपस में बांटा काम, 6 गिरफ्तार

एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने मंगलवार को जोधपुर में एमडी ड्रग्स की फैक्ट्री पकड़ी है। वहीं बाड़मेर में कच्चा माल बरामद किया। टीम ने बाड़मेर के धनाऊ क्षेत्र के भुणियां गांव में खेत पर बने एक कमरे में छापा मारा था। इसमें एमडी ड्रग्स बनाने का केमिकल मिला। वहीं, 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया। ANTF के आईजी विकास कुमार ने बताया- मुख्य आरोपी नारायणराम विश्नोई (30) नशे के कारण कर्ज में डूब गया था। वहीं उसका दोस्त अशोक कुमार (25) शेयर बाजार में रुपए दोगुने करने के चक्कर में कर्जदार बन गया। दोनों ने मिलकर जोधपुर में ड्रग्स की फैक्ट्री बनाई। दोनों ने यूट्यूब से ड्रग्स बनाना सीखा, लेकिन खराब क्वालिटी के कारण माल जल जाता था। ऐसे में कच्चा माल सप्लायर को वापस देते समय आरोपी पकडे़ गए।
जोधपुर ग्रामीण के कापरड़ा थाना पुलिस और ANTF ने बाड़मेर के खेत में मुख्य आरोपी नारायणराम, अशोक सहित सुमेर सिंह (29), प्रेम सिंह (29), विजयपाल सिंह (20) और हेमाराम विश्नोई (40) को गिरफ्तार किया। इनमें कई आरोपी एमडी बनाने के साथ केमिकल्स के बारे में अच्छी जानकारी रखते हैं। ऐसे में उन्होंने कर्ज में डूबे नारायणराम को ड्रग्स बनाने के लिए कहा था। टीम ने मौके से ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले केमिकल, उपकरण और मिश्रण जब्त किए हैं। आरोपियों ने किसी कंपनी की तरह आपस में काम बांट लिया था। ANTF के आईजी विकास कुमार ने बताया- गैंग में शामिल आरोपी शॉर्टकट से अमीर बनने और कर्ज उतारने के चक्कर में जुर्म की दुनिया में उतरे थे। नारायणराम विश्नोई निवासी रामड़ावास कलां (जोधपुर) और अशोक कुमार निवासी केरिया (जालोर) दो-तीन बार बाड़मेर आए तो टीम को शक हो गया था। उसी आधार पर उन पर निगरानी रखी गई। बाड़मेर के एक खेत में आरोपी रुककर MD ड्रग बनाने में काम आने वाले कच्चे माल की डीलिंग करने वाले थे। वहां से टीम ने इन्हें पकड़ा। जब पूछताछ हुई तो पता चला कि आरोपियों की फैक्ट्री जोधपुर में है। ड्रम में मिला केमिकल ANTF को मारवाड़ में एमडी ड्रग्स फैक्ट्री डालने का इनपुट मिला था। टीम ने जाल बिछाया और बाड़मेर के धनाऊ क्षेत्र के भुणियां गांव में हेमाराम विश्नोई के खेत पर बने एक कमरे में छापा मारा। वहां टीम को 42.660 किलोग्राम का एक ड्रम मिला। इसमें एमडी बनाने का केमिकल भरा हुआ था। यहां पकड़े गए आरोपी नारायणराम से पूछताछ की तो उसने बताया कि जोधपुर के कापरड़ा स्थित रामड़ावास कल्ला गांव में मैंने अपने घर पर पूरी लैब और केमिकल छुपा रखे हैं। पुलिस ने तुरंत जोधपुर की टीम को अलर्ट किया।
वहां से भारी मात्रा में उपकरण, कांच की बोतलें और एसिड बरामद किए गए। कर्ज में डूबे तो चुना ड्रग्स बनाने का रास्ता एएनटीएफ के आईजी विकास कुमार ने बताया- नारायणराम पहले बेंगलुरु में स्टील-फर्नीचर की दुकान पर काम करता था। वहां उसकी दोस्ती मध्य प्रदेश के मंदसौर निवासी प्रेम सिंह व सुमेर सिंह और रतलाम निवासी विजयपाल से हुई, जो नशा करते थे और एमडी बनाना जानते थे। बाद में नारायणराम गांव आया और शादी की। नशे और अय्याशी के चक्कर में पत्नी के गहने तक बेच दिए। कर्ज में डूब गया। आईजी विकास कुमार ने बताया- नारायणराम का साथी अशोक कुमार नशेड़ी था। उसने पैसा डबल करने के चक्कर में शेयर मार्केट में मोटा पैसा लगाया। वहां बर्बाद होकर कर्जदार बन गया। ऐसे में दोनों दोस्तों ने कर्ज से बाहर निकलने के लिए बेंगलुरु वाले दोस्तों को जोधपुर बुला लिया। उनके साथ मिलकर एमडी बनाने की साजिश रची थी। वहीं बाड़मेर निवासी हेमाराम विश्नोई केमिकल और कच्चे माल की व्यवस्था करने में शामिल था। बाड़मेर में खेत भी उसका ही था।
आईजी विकास कुमार ने बताया- आरोपियों में नारायणराम को-ऑर्डिनेटर और अशोक सप्लायर बना। हेमाराम केमिकल लाया। सुमेर सिंह फैक्ट्री मैनेजर बना। प्रेम सिंह और विजयपाल केमिस्ट बने। यूट्यूब पर वीडियो देखकर MD बनाने का फॉर्मूला समझा। ये लोग एमडी बनाने की कोशिश कर रहे थे। प्रॉब्लम यह हुई कि ये जितनी बार भी प्रोसेस करते, एमडी बनने की बजाय माल जल जाता। इस पर मध्य प्रदेश वाले एक्सपर्ट ने कहा- ब्रोमो केमिकल ही खराब क्वालिटी का है। इसे सप्लायर को वापस करो। ऐसे में ये लोग खराब केमिकल वापस करने के लिए बाड़मेर में सप्लायर का इंतजार कर रहे थे कि एएनटीएफ ने इन्हें दबोच लिया। टीम ने बाड़मेर से 42.660 किलोग्राम केमिकल सहित एक कार जब्त की। वहीं जोधपुर से कई केमिकल, कांच की बोतलें, लिक्विड मिश्रण और ड्रग्स निर्माण के उपकरण बरामद किए।
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