राजस्थान सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए कुल 48 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों के स्थानांतरण और नई पदस्थापनाएँ जारी की हैं। यह आदेश राज्यहित में तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। सूची में वरिष्ठ से लेकर मध्यम स्तर के अधिकारियों तक विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों में बदलाव किए गए हैं।
सबसे वरिष्ठ अधिकारियों में, अखिल अरोड़ा (1993 बैच) को अतिरिक्त मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री, राजस्थान तथा अतिरिक्त मुख्य सचिव, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं भू-जल विभाग का दायित्व सौंपा गया है। वहीं शिखर अग्रवाल (1993 बैच) को उद्योग, MSME, दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, RIICO एवं निवेश संवर्द्धन ब्यूरो सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों के साथ नया पदभार मिला है। प्रवीण गुप्ता (1995) को सार्वजनिक निर्माण विभाग तथा पर्यटन, कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के साथ-साथ जवाहर कला केन्द्र व राजस्थान पर्यटन निगम की अतिरिक्त ज़िम्मेदारी सौंपी गई है।
आलोक गुप्ता (1996) अब राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अध्यक्ष होंगे, जबकि दिनेेश कुमार (1996) को प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय, जन अभ्योग निराकरण तथा मुद्रण एवं लेखन सामग्री विभाग का प्रभार दिया गया है। राजेश कुमार यादव (1996) को हरीशचंद्र माथुर राज्य लोक प्रशासन संस्थान के महानिदेशक तथा प्रशिक्षण विभाग के प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया है।
इसके बाद गायत्री ए. राठौड़ (1997) को चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के साथ चिकित्सा शिक्षा विभाग का अतिरिक्त दायित्व मिला है। भवानी सिंह देथा (1999) को महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पंचायती राज (महिला एवं बाल विकास) विभाग का प्रभार दिया गया है। मंजू राजपाल (2000) को सहकारिता विभाग के साथ कृषि एवं उद्यानिकी तथा राजस्थान राज्य बीज निगम की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नवीन जैन (2001) को सामान्य प्रशासन, मंत्रिमंडल सचिवालय, सिविल उड्डयन, संपदा तथा चीफ ऑफ प्रोटोकॉल का प्रमुख बनाया गया है। रवि जैन (2004) को स्थानीय निकाय आयुक्त व जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड का प्रबंधन सौंपा गया है। डॉ. रवि कुमार सुरपुर (2004) को सूचना प्रौद्योगिकी व संचार, आयोजना और सांख्यिकी विभागों के साथ राजकॉर्प इन्फो सर्विसेज का प्रभार मिला है।
अभिषेक कुमार (2004) को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, डॉ. जोगा राम (2005) को राजस्व एवं उपनिवेशन तथा पंचायती राज विभाग, और रोहित गुप्ता (2006) को राजस्थान अक्षय उर्जा निगम का नेतृत्व सौंपा गया है।
इसी क्रम में डॉ. टीना सोनी (2007) को वित्त विभाग, शुचि त्यागी (2007) को परिवहन एवं देवस्थान विभाग, राजन विशाल (2008) को बजट विभाग एवं पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सोसायटी, तथा अर्चना सिंह (2008) को कार्मिक विभाग में नियुक्त किया गया है।
निलिनी कठोतिया (2010) को भरतपुर की संभागीय आयुक्त बनाया गया है। अनिल कुमार अग्रवाल (2011) को कोटा संभाग के आयुक्त के रूप में स्थानांतरित किया गया है। हिमांशु गुप्ता (2012) को सूचना प्रौद्योगिकी विभाग एवं राजकॉर्प इन्फो सर्विसेज में नई जिम्मेदारी मिली है।
टीकमचंद बोहरा (2012) को राजस्व मंडल, अजमेर में सदस्य बनाया गया है। नित्या गोहैन (2013) अब बाल अधिकारिता विभाग में आयुक्त होंगी। इकबाल खान (2013) को निशक्तजन विभाग का प्रभार मिला है। शुभम चौधरी (2014) को उद्यानिकी विभाग में नियुक्त किया गया है।
आगे सुरेश कुमार ओला (2014) को उद्योग एवं CSR विभाग, बाबूलाल गोयल (2014) को देवस्थान विभाग, बचनेश कुमार अग्रवाल (2014) को राजफैड का प्रबंध निदेशक, शाहीन अली खान (2015) को एचसीएम रीपा में अतिरिक्त महानिदेशक, और मनीष गोयल (2015) को गृह (अपील) विभाग में तैनात किया गया है।
केसरलाल मीणा (2015) को राजस्व मंडल अजमेर, पुष्पेन्द्र शमा (2015) को परिवहन विभाग, नवनीत कुमार (2015) को उपनिवेशन व जल उपयोगिता विभाग, सुखवीर सैनी (2015) को गृह (मानवाधिकार) विभाग, तथा डॉ. ओमप्रकाश बैरवा (2015) को राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग का सचिव बनाया गया है।
इसके अलावा हरफूल सिंह यादव (2016) को कोटा विकास प्राधिकरण में, राजेश वर्मा (2016) को राज्य निर्वाचन आयोग में, महेश कुमार खींची (2016) को साक्षरता एवं सतत शिक्षा विभाग में, अजीत सिंह राजावत (2016) को राजस्व मंडल अजमेर में, जगुल किशोर मीणा (2016) को उद्योग संवर्धन ब्यूरो में, और राकेश राजौरिया (2016) को महिला अधिकारिता विभाग में नया दायित्व मिला है।
ललित कुमार (2016) को चिकित्सा शिक्षा विभाग, डॉ. गौरव सैनी (2017) को नगर निगम व स्मार्ट सिटी परियोजना, डॉ. निधि पटेल (2018) को स्टेट हेल्थ इंश्योरेंस एजेंसी, डॉ. नीतीश शर्मा (2018) को मुख्यमंत्री कार्यालय में, अमिता शर्मा (2018) को वित्त विभाग में तथा नरेंद्र कुमार गोयल (2018) को चिकित्सा शिक्षा विभाग में आयुक्त बनाया गया है।

