प्रतिभा और मेहनत ही नए हरियाणा की पहचान, संसाधनों की कमी से कोई छात्र नहीं रहेगा पीछे: नायब सिंह सैनी

  • उत्कृष्ट शिक्षा पुरस्कार-2026 समारोह में 250 से अधिक मेधावी छात्रों का सम्मान, शिक्षा में पारदर्शिता और समान अवसर सरकार की प्राथमिकता

चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि हरियाणा का कोई भी प्रतिभाशाली छात्र संसाधनों की कमी के कारण अपने सपनों से वंचित न रहे। शिक्षा में समान अवसर, पारदर्शिता और प्रतिभा का सम्मान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आज का नया हरियाणा “खर्ची-पर्ची” नहीं, बल्कि मेहनत, योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री बुधवार को अंबाला में आयोजित “उत्कृष्ट शिक्षा पुरस्कार-2026” समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने जिले के 70 से अधिक विद्यालयों के 250 से ज्यादा मेधावी छात्रों को सम्मानित किया, जिन्होंने कक्षा 10वीं, 12वीं तथा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावकों और शिक्षकों को भी बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान केवल छात्रों की सफलता का नहीं, बल्कि माता-पिता के त्याग और शिक्षकों के समर्पण का भी सम्मान है।

उन्होंने कहा कि इन विद्यार्थियों में उन्हें विकसित भारत-विकसित हरियाणा का भविष्य दिखाई देता है। आज के ये मेधावी छात्र आने वाले समय में वैज्ञानिक, डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, प्रशासक और देश के नेतृत्वकर्ता बनेंगे। उन्होंने छात्रों से कहा कि अंक अवसर दिलाते हैं, लेकिन चरित्र व्यक्ति की पहचान बनाता है। डिग्री रोजगार दिला सकती है, लेकिन संस्कार और मूल्य जीवनभर सम्मान दिलाते हैं।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से अपने माता-पिता, गुरुजनों, मातृभूमि और भारतीय संस्कृति से जुड़े रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन को साकार करने में युवाओं की सबसे बड़ी भूमिका होगी। विकसित भारत केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों, शोध, मेहनत और जिम्मेदार नागरिकों के चरित्र से बनेगा।

मुख्यमंत्री ने पूजा फाउंडेशन की सराहना करते हुए कहा कि एक मंच पर 250 से अधिक मेधावी छात्रों का सम्मान करना समाज में प्रतिभा और मेहनत के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करता है।

श्री सैनी ने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और मेरिट आधारित बनाया है। पहले युवाओं को सिफारिश और भाई-भतीजावाद का डर रहता था, लेकिन अब चयन केवल योग्यता के आधार पर हो रहा है। इससे सामान्य और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है।

उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों के जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए मिशन बुनियाद और सुपर-100 जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनके माध्यम से अनेक छात्र IIT, IIM, NIT और प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश प्राप्त कर चुके हैं। इसके अलावा प्रदेश में संस्कृति मॉडल स्कूल और PM SHRI स्कूल स्थापित कर शिक्षा की गुणवत्ता को नई दिशा दी गई है।

मुख्यमंत्री ने हरियाणा की खेल उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों में राज्य का उत्कृष्ट प्रदर्शन सरकार की प्रगतिशील खेल नीति का परिणाम है। आज खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं और हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि देश में आज दो विचारधाराओं की प्रतिस्पर्धा है। एक ओर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विकसित भारत का विजन है, जबकि दूसरी ओर कांग्रेस की वह राजनीति है जो दशकों तक एक परिवार तक सीमित रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पेपर लीक जैसी समस्या पर सख्त कानून बनाकर उसे प्रभावी ढंग से लागू किया है, जिससे युवाओं का भरोसा मजबूत हुआ है।

समारोह में पूर्व मंत्री असीम गोयल, भाजपा नेता बंतो कटारिया, अंबाला की महापौर अक्षिता सैनी, पूजा फाउंडेशन के संस्थापक विनोद कुमार, जिला अध्यक्ष मंदीप राणा, हरियाणा शिक्षा संस्थान के अध्यक्ष सुरेश चंद्र सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शिक्षक, अभिभावक और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

मुख्य बिंदु:

  • मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अंबाला में 250 से अधिक मेधावी छात्रों को किया सम्मानित।
  • कहा— संसाधनों की कमी से कोई प्रतिभाशाली छात्र पीछे नहीं रहेगा।
  • मेहनत, योग्यता और पारदर्शिता को बताया नए हरियाणा की पहचान।
  • भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह मेरिट आधारित और पारदर्शी बनाने का दावा।
  • मिशन बुनियाद और सुपर-100 योजनाओं से छात्रों को IIT, IIM, NIT और मेडिकल कॉलेजों में मिल रही सफलता।
  • प्रदेश में संस्कृति मॉडल स्कूल और PM SHRI स्कूल के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार।
  • युवाओं से माता-पिता, गुरुजनों और भारतीय संस्कृति से जुड़े रहने का आह्वान।
  • विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की भूमिका को बताया सबसे महत्वपूर्ण।
  • हरियाणा की खेल नीति की सराहना करते हुए खिलाड़ियों को मिल रही आधुनिक सुविधाओं का किया उल्लेख।
  • पेपर लीक विरोधी कानून को युवाओं के हित में बड़ा कदम बताया।
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