ना आना इस ‘प्रदेश’ म्हारी लाडो:योजना में 85,445 आवेदन अटके, 86 प्रतिशत तो स्कूल स्तर पर ही; जयपुर 6617 के साथ सबसे फिसड्डी

राजस्थान सरकार की लाडो प्रोत्साहन योजना में आवेदन निस्तारण की रफ्तार सुस्त है। प्रदेश में कुल 85,445 आवेदन लंबित हैं, जिनमें से करीब 86% आवेदन स्कूल स्तर पर ही अटके हैं। इससे शुरुआती सत्यापन प्रक्रिया सबसे कमजोर कड़ी बनकर सामने आई है। जिलेवार स्थिति में जयपुर सबसे फिसड्डी है, जहां 6,617 आवेदन लंबित हैं। इसके बाद जोधपुर (6,489) और बीकानेर (4,499) का स्थान है। कोटा (4,089) और अजमेर (3,747) भी शीर्ष पेंडेंसी वाले जिलों में शामिल हैं। विभागीय समीक्षा में सामने आया कि स्कूल स्तर पर सत्यापन में देरी, दस्तावेज जांच व डेटा अपडेट की धीमी प्रक्रिया, बैंक खाते व डीबीटी त्रुटियां और जनाधार से बैंक खाते का लिंक नहीं होना पेंडेंसी बढ़ने की बड़ी वजह हैं। एसीएस राजेश यादव ने लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए हैं। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट से इतनी अधिक पेंडेंसी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने जवाब देने से इंकार कर दिया। पेंडेंसी क्यों बढ़ रही सबसे खराब 5 जिले जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, कोटा, अजमेर बेहतर 5 जिले प्रतापगढ़, सलूम्बर, जैसलमेर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा कुल आंकड़े स्कूल स्तर – 73,680
पीईईओ स्तर – 9,354
डीईओ स्तर – 2,411
कुल लंबित आवेदन – 85,445 ये 10 जिले योजना में सबसे फिसड्डी 7 किस्तों में 1.50 लाख रुपए मिलते हैं दूसरे राज्यों में बेटियों की योजनाएं मध्य प्रदेश : लाड़ली लक्ष्मी योजना
52.56 लाख से अधिक बालिकाओं का पंजीकरण, वित्त वर्ष 2026-27 में ₹1,801 करोड़ बजट, करीब 13 लाख बेटियों को छात्रवृत्ति के रूप में ₹384.31 करोड़ की राशि वितरित। दिल्ली : लखपति बिटिया योजना
1 अप्रैल 2026 से लागू।
बजट में ₹128 करोड़ का प्रावधान।
71,000 से अधिक लाभार्थियों की पहचान।
राशि सीधे खातों में ट्रांसफर। राजस्थान : लाडो प्रोत्साहन योजना
1 अगस्त 2024 से लागू।
2024-25 में ₹100 करोड़ बजट।
2025-26 में बढ़ाकर ₹320 करोड़।
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