टिकट मैं दिलाऊंगा …ऊपर तक सेटिंग है:दावेदारों को गारंटी देने वाले 40-50 ‘ठेकेदार’ एसीबी की रडार पर

निकाय चुनाव में टिकट की दावेदारी के बीच अब टिकट दिलाने के नाम पर सक्रिय ‘ठेकेदारों’ का खेल सामने आया है। ये खुद को पार्टी के बड़े नेताओं या टिकट तय करने वाले जिम्मेदारों का करीबी बताकर दावेदारों पर प्रभाव जमा रहे हैं। कहीं टिकट पक्का कराने का भरोसा दिया जा रहा है तो कहीं इसके बदले मोटी रकम की बात होने की सूचनाएं हैं। ऐसी सूचनाएं एसीबी तक पहुंची हैं। अब एसीबी ऐसे संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर तकनीकी निगरानी कर रही है। प्रदेश में निकाय चुनाव के लिए दोनों प्रमुख पार्टियों में टिकट मांगने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अगले दो-तीन दिन में टिकट वितरण की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। ऐसे में टिकट दिलाने के नाम पर सक्रिय बिचौलिया किस्म के लोग भी दावेदारों से संपर्क साध रहे हैं। कई जगह दावेदार भी बिचौलियों से संपर्क कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार कुछ लोग नेताओं और टिकट वितरण में भूमिका रखने वाले पदाधिकारियों से अपने नजदीकी संबंध बताकर दावेदारों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। तकनीकी इनपुट का विश्लेषण कर रहे शिकायत-सबूत मिले तो बढ़ सकती है कार्रवाई
फिलहाल एसीबी की पूरी कवायद निगरानी और सूचना जुटाने के स्तर पर है। केवल किसी नेता से नजदीकी बताना या टिकट दिलाने का दावा करना अपने आप में भ्रष्टाचार का प्रमाण नहीं है। इसलिए एसीबी यह भी देख रही है कि कहीं राजनीतिक पहुंच के नाम पर दावेदारों से वास्तव में रकम मांगी या ली तो नहीं जा रही। यदि किसी दावेदार की शिकायत के साथ लेन-देन या मांग से जुड़े ठोस साक्ष्य सामने आते हैं तो मामले की प्रकृति के अनुसार आगे कानूनी कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है। आगामी दो-तीन दिन में टिकट घोषित होने तक एसीबी की नजर ऐसे संदिग्ध संपर्कों और गतिविधियों पर रहेगी। सूत्रों के मुताबिक एसीबी को अलग-अलग माध्यमों से टिकट दिलाने के बदले पैसे की बातचीत होने संबंधी जानकारियां मिली हैं। {हालांकि अभी तक किसी दावेदार ने सीधे एसीबी के पास पहुंचकर लिखित शिकायत नहीं दी है। इसके बावजूद एसीबी ने अपने स्तर पर तकनीकी इनपुट जुटाने शुरू कर दिए हैं।
हर दिन करीब 40 से 50 लोगों से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों और उपलब्ध तकनीकी इनपुट का विश्लेषण किया जा रहा है।
खास फोकस उन लोगों पर है, जो अचानक चुनावी दावेदारों के बीच सक्रिय हुए हैं और ऊंची पहुंच का हवाला दे रहे हैं। इस तरह के कुछ नाम भी एसीबी के पास पहुंचे हैं। विधानसभा चुनावों में सामने आए ऐसे मामले, पता चला तो पार्टियों ने केस दर्ज कराए
केस 1: केशोरायपाटन विधानसभा से टिकट दिलाने के नाम पर ₹10 लाख की ठगी का आरोप लगा। कार्यकर्ता की शिकायत पर कोर्ट के आदेश से मई 2024 को रेलवे
कॉलोनी थाने में FIR दर्ज हुई। आरोपी गिरफ्तार हुआ।
केस 2: अंता विधानसभा उपचुनाव-2025 में बारां के नेता को दिल्ली स्थित एक पार्टी कार्यालय का पदाधिकारी बन फोन किया और पैसे में टिकट का झांसा दिया। ठगी का पता चलने के बाद बारां साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
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