हरमाड़ा थाना इलाके में चेतन डूंगरी के पास जंगल में एक दिन पहले मिले युवक के शव के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी सुधांशु जांगिड़ (मुरलीपुरा) और सोनू बैरवा (मूल निवासी बांदीकुई, दौसा) हैं। सोनू भी मुरलीपुरा में किराए से रहता था, जिससे दोनों में गहरी दोस्ती हो गई। दोनों कैफे खोलना चाहते थे, लेकिन पैसे नहीं थे, इसलिए नई कार लूटने की साजिश रच डाली। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने एक सप्ताह पहले ही वारदात की तैयारी शुरू कर दी थी। विद्याधर नगर के एक मार्ट से दो चाकू खरीदे और ऑनलाइन रस्सी मंगवाई। इसके बाद मोबाइल में वाहन की जानकारी जांचने वाला एप डाउनलोड किया। 21 जुलाई की रात दोनों ने एप से राइड बुक करनी शुरू की, जो कार बुक होती उसका नंबर एप से चेक करते, पुरानी कार होने पर राइड कैंसिल कर देते। ऐसा पांच बार किया। छठी राइड में 2025 मॉडल की कार दिखी तो आने दी। रात करीब 2 बजे दोनों आरोपी कैब में सवार होकर चालक को राजावास की ओर ले गए। रास्ते में दो बार सामान खरीदने के बहाने कार रुकवाई। सुनसान जगह पहुंचने पर चालक ने जैसे ही कार रोकी, पीछे बैठे आरोपी ने रस्सी से गला घोंट दिया, जबकि आगे बैठे आरोपी ने पेट और छाती पर चाकू से आधा दर्जन वार कर हत्या कर दी। इसके बाद शव जंगल में फेंककर कार लेकर फरार हो गए। शव फेंक कार दौसा ले गए, पहचान छिपाने दाढ़ी कटवाई डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया कि हत्या के बाद आरोपी कार को छिपाने के लिए दौसा ले गए। वहां वाहन परिचित के ठिकाने पर खड़ा कर ट्रेन से वापस जयपुर लौट आए। टोल फुटेज में पहचान से बचने के लिए जयपुर पहुंचते ही दोनों ने बाल और दाढ़ी भी कटवा ली। सुबह एक महिला की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। मृतक के पास कोई मोबाइल या पहचान दस्तावेज नहीं मिले। पुलिस ने शव की फोटो लेकर एआई तकनीक से चेहरा स्पष्ट कराया और विभिन्न पोर्टल व मुखबिर तंत्र से पहचान का प्रयास किया। जांच में पता चला कि मृतक 34 वर्षीय लखपत सिंह, मूल निवासी धौलपुर है, जो विद्याधर नगर में रहकर टैक्सी चलाते थे। यह पहले मुंबई में ड्राइवर थे, वहीं से लिया गया मोबाइल नंबर उनके नाम दर्ज है। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। बस्सी टोल के ट्रांजेक्शन से मिला आरोपी का मोबाइल नंबर मृतक की पहचान होने के बाद पुलिस ने कार ट्रेस की, लेकिन तब तक बस्सी टोल पार कर चुकी थी। टोल फुटेज और ट्रांजेक्शन की जांच में एक आरोपी का मोबाइल नंबर सामने आया। इसके आधार पर लोकेशन ट्रेस कर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए डीसीपी प्रशांत किरण के निर्देशन पर एसएचओ नरेंद्र भड़ाना और डीएसपी प्रभारी गणेश सैनी सहित 70 पुलिसकर्मियों की एक दर्जन टीमें गठित की गई थीं। कार्रवाई में बहादुर सिंह और राजमहेंद्र सिंह की विशेष भूमिका रही।

