जैसलमेर से चारधाम यात्रा पर निकले एक परिवार की इनोवा कार उत्तराखंड के देवप्रयाग में अलकनंदा नदी में गिर गई थी। हादसे के सात दिन बाद सोमवार को लापता मां-बेटी के शव घटना स्थल से 15 किमी दूर गंगा नदी से बरामद कर लिए गए हैं। इससे पहले एक बेटी ज्योत्सना (16) का शव भी मिल चुका था। सभी का आज हरिद्वार में अंतिम संस्कार किया जाएगा। कार में डॉक्टर दिनेश माली (27), उनकी मां कमला देवी (67), बड़ी बहन गुड्डी देवी (40), भांजी अश्लेषा (18), भांजा आयुष्मान (12), गुड्डी देवी की बेटियां नम्रता (20) और ज्योत्सना (16) सवार थे। इसमें से 12 वर्षीय आयुष्मान (12) जिंदा बचा है। जिसका इलाज एम्स ऋषिकेश में चल रहा है। परिवार 26 मई को जैसलमेर से चारधाम यात्रा के लिए रवाना हुआ था। 2 जून को बद्रीनाथ धाम के दर्शन कर लौटते समय टिहरी जिले के देवप्रयाग हादसा हुआ था। सातवें दिन पूरा हुआ सर्च ऑपरेशन हादसे के बाद से ही लापता गुड्डी देवी (40), उनकी बड़ी बेटी नम्रता (20) और छोटी बेटी ज्योत्सना (15) की तलाश के लिए एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय गोताखोरों की टीम लगातार गंगा की तेज धाराओं के बीच ‘डीप डाइविंग’ कर सर्च अभियान चला रही थी। कड़े संघर्ष के बाद रविवार को सबसे पहले 15 वर्षीय ज्योत्सना का शव देवप्रयाग से करीब 15 किलोमीटर दूर व्यास घाट से बरामद किया गया। इसके बाद सोमवार को देर शाम तक रेस्क्यू टीम ने व्यास घाट से ही मां गुड्डी देवी और ताज होटल के समीप से दूसरी बेटी नम्रता का शव भी ढूंढ निकाला। परिजनों को सौंपे गए शव देवप्रयाग के कोतवाल प्रशांत बहुगुणा ने बताया कि गंगा नदी के जलस्तर और तेज बहाव के बीच बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में यह तलाशी अभियान चलाया गया। सोमवार को तीनों शवों को पूरी कानूनी प्रक्रिया और शिनाख्त के बाद जैसलमेर से पहुंचे उनके शोकाकुल परिजनों को सौंप दिया गया है। अब पढ़िए, सिलसिलेवार घटनाक्रम … 1. हादसे की सूचना मिलते ही रेस्क्यू शुरू 2 जून को हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। इसके बाद गंगा-अलकनंदा नदी के तेज बहाव के बीच तुरंत बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। 2. घटनास्थल पर इनोवा कार बरामद रेस्क्यू टीमों ने सर्च ऑपरेशन के दौरान नदी से दुर्घटनाग्रस्त इनोवा कार बरामद कर ली। हालांकि कार के अंदर कोई भी सवार मौजूद नहीं था। वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त और बुरी तरह पिचकी हुई हालत में मिला। 3. शुरुआती तलाशी में चार शव बरामद तलाशी अभियान के दौरान डॉक्टर दिनेश कुमार माली (27), उनकी मां कमला देवी (67), भांजी अश्लेषा (18) और कार ड्राइवर अमित के शव बरामद कर लिए गए। इसके बाद पुष्टि हुई कि तीन लोग अभी भी लापता हैं। 4. तीन लोग लापता, एक बच्चा सुरक्षित बचाया गया हादसे में गुड्डी देवी (40), उनकी बेटी नम्रता (20) और ज्योत्सना (16) लापता हो गईं। वहीं 12 वर्षीय आयुष्मान को रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उसे गंभीर हालत में अस्पताल भेजा गया। 5. 8 किलोमीटर क्षेत्र में चला सर्च ऑपरेशन एसडीआरएफ की विशेष गोताखोर टीम ने अलकनंदा नदी में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया। करीब 8 किलोमीटर क्षेत्र में तलाशी के बावजूद लापता तीनों महिलाओं का कोई सुराग नहीं मिला। 6. अंतिम संस्कार और घायल बच्चे का इलाज 5 जून को डॉक्टर दिनेश कुमार माली, कमला देवी, अश्लेषा और ड्राइवर अमित के शवों का हरिद्वार में अंतिम संस्कार किया गया। वहीं गंभीर रूप से घायल आयुष्मान को श्रीनगर बेस हॉस्पिटल से एयरलिफ्ट कर ऋषिकेश एम्स भेजा गया, जहां उसका इलाज जारी है। 7. 10 किमी दूर मिला ज्योत्सना का शव 7 जून को कौड़ियाला क्षेत्र में गंगा नदी में चल रहे दूसरे सर्च ऑपरेशन के दौरान एसडीआरएफ को एक युवती का शव मिला। शिनाख्त में यह शव ज्योत्सना परिहार (16) का निकला, जो घटनास्थल से करीब 10 किलोमीटर दूर मिला। 8 जून को लापता मां गुड्डी और बेटी नम्रता के शव मिले। शवों को परिजनों सौंपने के बाद आज हरिद्वार में दोनों का अंतिम संस्कार किया जाएगा। इससे पहले मिले शवों का भी अंतिम संस्कार भी हरिद्वार में ही किया गया। इस हादसे में 7 लोगों की मौत हुई है और एक 12 साल का बच्चा गंभीर घायल है जिसका इलाज ऋषिकेश स्थित एम्स हॉस्पिटल में जारी है। —- ये खबर भी पढ़ें…. उत्तराखंड हादसा-6 दिन बाद मिला ज्योत्सना का शव:मां-बेटी की तलाश जारी; जैसलमेर से चारधाम यात्रा पर निकला था परिवार उत्तराखंड के टिहरी जिले में देवप्रयाग के गंगा दर्शन होटल के पास 2 जून को एक इनोवा कार बेकाबू होकर अलकनंदा नदी में गिर गई थी। जैसलमेर से चारधाम की यात्रा पर गए परिवार के लोग नदी के तेज बहाव में बह गए थे। दुर्घटना के छह दिन बाद रविवार को लापता ज्योत्सना (16) परिहार का शव घटनास्थल से करीब 10 किलोमीटर दूर कौड़ियाला क्षेत्र में बरामद किया गया। (खबर पढ़ें)

