अजमेर में औषधि नियंत्रण विभाग ने जिले के चार मेडिकल स्टोर पर कार्रवाई की। दरगाह बाजार स्थित ख्वाजा मेडिकल एंड जनरल स्टोर का लाइसेंस स्थायी रूप से निरस्त कर दिया गया, जबकि तीन अन्य मेडिकल स्टोर के लाइसेंस अलग-अलग अवधि के लिए निलंबित किए गए। कार्रवाई रेंडम जांच में दवा नियमों के उल्लंघन मिलने के बाद की गई। जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि अंदरकोट स्थित ख्वाजा मेडिकल एंड जनरल स्टोर पर शेड्यूल एच-1 दवाओं का रजिस्टर नहीं मिला। जांच में फेनिरामिन मैलिएट इंजेक्शन बिना बिल और चिकित्सकीय पर्चे के बेचे जाने का मामला सामने आया। विभाग के अनुसार इस इंजेक्शन का दुरुपयोग नशे के लिए किया जाता है। बिल फर्जी पाए गए बताया गया कि संचालक रफत सिद्दकी और सैयद फखरे मोइन द्वारा प्रस्तुत बिल फर्जी पाए गए। एक मई के बाद की बिक्री के भी बिल उपलब्ध नहीं थे और निरीक्षण के समय फार्मासिस्ट अनुपस्थित मिला। स्टोर सना खान के नाम रजिस्टर्ड है स्टोर किशनगढ़ के एडीएस मेडिकल स्टोर में बिल बुक और शेड्यूल एच-1 रजिस्टर नहीं मिला। यह स्टोर आमीन मोहम्मद के नाम पंजीकृत है। विभाग ने इसका लाइसेंस 17 से 19 अगस्त तक निलंबित किया। खानपुरा के देशवाली मेडिकल स्टोर में भी फार्मासिस्ट मौजूद नहीं मिला। शेड्यूल एच-1 समेत अन्य दवाओं के बिल सेल्स पर्सन के हस्ताक्षर से जारी किए जा रहे थे और निरीक्षण के दौरान बिल भी प्रस्तुत नहीं किए गए। यह स्टोर सना खान के नाम पंजीकृत है। स्टोर में नहीं लगा रखे सीसीटीवी कैमरे इसका लाइसेंस 7 से 13 सितंबर तक निलंबित किया गया। वहीं किशनगढ़ के राजश्री मेडिकल स्टोर में भी फार्मासिस्ट अनुपस्थित मिला। शेड्यूल एच-1 रजिस्टर संधारित नहीं था और सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे थे। यह स्टोर राजेश शर्मा के नाम पंजीकृत है। विभाग ने इसका लाइसेंस भी 7 से 13 सितंबर तक निलंबित कर दिया।

