Churu: सरदारशहर के 10 वर्षीय लव्य और 7 वर्षीय परीक्षित भारतीय संस्कृति के पुनः उत्थान के सपने देखते हैं कम उम्र में जहां बच्चे खेल कूद और मोबाइल में खोए रहते हैं वहीं लव्य और उसका छोटा भाई परीक्षित को कम उम्र में संपूर्ण श्रीमद्भागवतगीता कंठस्थ याद है. देखिए खबर

